शिक्षा विभाग में टीचर के पद तैनात यूपी के एक शिक्षक को फर्जी डिग्री पर नौकरी करने के मामले में बर्खास्त किए जाने के बाद अब विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उप शिक्षाधिकारी सुषमा गौरव ने कोतवाली में धोखाधड़ी कर नौकरी पाने के मामले में पुलिस को तहरीर दी है।
सोमवार को कोतवाली पहुंची उप शिक्षाधिकारी सुषमा गौरव ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि बिजनौर के ग्राम शेखपुर पोस्ट मौजमपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले शिक्षक सुधीर कुमार की नियुक्ति उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में 30 जनवरी 1997 में हुई थी और पहली पोस्टिंग के रूप में राजकीय प्राथमिक विद्यालय धुसरा सितारगंज में तैनाती दी गई। तब से वह नौकरी करता आ रहा था।
बताया कि वर्तमान में राजकीय प्राथमिक स्कूल पिंडारी में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात सुधीर के फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हथियाने की शिकायत मिलने पर मामले को गंभीरता से लिया गया और नौकरी के लिए लगाए गए दस्तावेजों की जांच कराई। उप्र इलाहाबाद के सचिव परीक्षा नियामक से बीटीसी मार्कशीट का सत्यापन कराया तो बिजनौर डायट के आए जवाब में सुधीर कुमार को द्वितीय वर्ष का अनुक्रमांक 7016 का आवंटन नहीं किए जाने की बात सामने आई।
इस पर उत्तरांचल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के प्रावधानों के अनुसार सुधीर कुमार को नौ सितंबर 2015 को प्रधानाध्यापक के पद से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही विभाग ने धोखाधड़ी से नौकरी हथियाने के मामले में सुधीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश जारी किए। सोमवार को उप शिक्षाधिकारी सुषमा गौरव ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को टीचर के खिलाफ तहरीर दी। एसएसआई प्रवीण सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।