शुगर मिल प्रधान प्रबंधक तीरथपाल सिंह ने जांच पड़ताल कर 25 साल से फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर चीनी मिल में नौकरी कर रहे सामयिक यार्ड सुपरवाइजर को बर्खास्त कर दिया। जिससे कर्मचारियों में खलबली मच गई।
मिल प्रधान प्रबंधक सिंह के अनुसार गांव मुंडिया कला निवासी जितेंद्र शर्मा पुत्र ब्रजनंदन शर्मा ने 28 अगस्त 1990 को मृतक आश्रित के नियोजन के लिए आवेदन किया था। जिस पर जितेंद्र शर्मा को सामयिक गन्ना लिपिक के पद पर नियोजन दिया गया। शर्मा ने 26 दिसंबर 1990 को कार्यभार ग्रहण किया। शर्मा ने यूपी के धामपुर स्थित केएम इंटर कालेज के इंटर उत्तीर्ण के प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये। जांच में शर्मा के प्रमाण पत्रों मेें ओवर राइटिंग पाई गई।
स्पष्टीकरण में शर्मा ने आरोपों को नकार दिया। जिस पर मुख्य अभियंता वीपी सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच पड़ताल कराई गई। जांच में शैक्षिक प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ किया जाना सिद्ध पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को सामयिक यार्ड सुपरवाइजर जितेंद्र शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया। प्रधान प्रबंधक ने आरोपी के सभी देय जब्त करने के आदेश दिये हैं।