यातायात निदेशालय के प्रयोग सुखद सेवा को देहरादून में मिले बेहतर परिणाम के बाद अब इसे रुद्रपुर में ट्रायल के तौर पर शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। 18 फरवरी को रुद्रपुर सहित आसपास के पांच थाना क्षेत्रों में महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। महिलाओं को घर तक सुरक्षित छोड़ने के लिए 30 टाटा मैजिक और विक्रम लगाए जाएंगे। इसके अलावा सुखद सेवा का लाभ उठाने वाली महिलाओं से फीडबैक भी लिया जाएगा।
महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को रोकने और सुरक्षित माहौल देने के लिए देहरादून में यातायात पुलिस ने ‘सुखद’ सेवा की शुरुआत की थी। इसके तहत 30 चुनिंदा जगहों पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा मुहैया कराई गई थी। सुबह दस बजे से रात दस बजे तक पुलिस की ओर से मुहैया कराए गए नंबर पर फोन करने वाली महिलाओं को वाहनों से गंतव्य तक पहुंचाया गया था। देहरादून में बीते 28 जनवरी को 2200 महिलाओं ने सुविधा का लाभ उठाया था।
दून के बाद अब सुखद सेवा का प्रयोग रुद्रपुर में होने जा रहा है। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने, संवादहीनता खत्म करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करने के लिए सुखद सेवा शुरू की गई है। इस सुविधा से महिलाओं को कहीं भी आने जाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सेवा की शर्त यही है कि इसका लाभ लेने वाली महिलाओं के साथ पुरुष नहीं होना चाहिए।
हर थाना क्षेत्र में तीन जगहों पर लगेंगे स्टॉल
निदेशक केवल खुराना ने बताया कि रुद्रपुर के अलावा गदरपुर, पंतनगर, दिनेशपुर, किच्छा में महिलाओं को 18 फरवरी को सुबह दस बजे से रात दस बजे तक सुविधा मिलेगी। हर थाना क्षेत्र की तीन जगहों पर स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इन जगहों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है।
व्हाट्स एप नंबर पर कर सकती हैं बुकिंग
महिलाएं 18 फरवरी को मिलने वाली सुखद सेवा के लिए पहले से भी बुकिंग करा सकती हैं। इसके लिए व्हाट्स एप नंबर 875572100 जारी किया गया है। इसके अलावा 18 फरवरी के दिन 100 नंबर या फिर मोबाइल नंबर 9639445894 पर फोन कर सेवा का लाभ लिया जा सकता है।
देहरादून में शुरू की गई सुखद सेवा के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। इसी को देखते हुए अब सेवा को प्रयोग के तौर पर फरवरी के तीसरे रविवार को रुद्रपुर में शुरू किया जा रहा है। रुद्रपुर सहित आसपास के पांच थाना क्षेत्रों में सेवा का लाभ लेने वाली महिलाओं से फीडबैक भी लिया जाएगा। योजना का फायदा यह है कि सेवा का लाभ उठाने वाली महिलाएं पुलिस के पास जाने से भी नहीं हिचकेंगी और आत्मसुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। सड़क में निजी के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल होगा।
केवल खुराना, यातायात निदेशक