जिला पंचायत सभागार में विद्युत नियामक आयोग ने की जनसुनवाई, 35 लोगों ने दिए सुझाव
- 24 फरवरी को पिथौरागढ़ में होगी जनसुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की ओर से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में विद्युत दरों के प्रस्ताव पर जन सुनवाई की गई। 35 लोगों ने विद्युत वृद्धि के प्रस्ताव पर अपने सुझाव दिए। उपभोक्ताओं ने बिजली की प्रस्तावित दरों को अधिक बताते हुए बिजली की दरों में कम वृद्धि करने की मांग उठाई।
सुबह 11 बजे से जिला पंचायत सभागार में शुरू हुई जनसुनवाई में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं का पक्ष सुना। उपभोक्ताओं ने सुझाव देने के साथ ही आपत्तियां भी दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि बिजली की दरें से साल में कई बार बढ़ रही है। इससे आम जनता पर आर्थिक भार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कि राज्य की विद्युत कंपनी यूपीसीएल, पिटकुल, यूजेवीएन व एसएलडीसी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 की विद्युत दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया है। इसके अनुरूप वित्तीय वर्ष 2023-24 के टैरिफ में वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
उन्होंने जनहित में विद्युत दर में अधिक वृद्धि न करने की मांग की। आयोग की ओर से बताया गया कि नई विद्युत दरें एक अप्रैल 2023 से लागू होंगी। इसी क्रम में 24 फरवरी को पिथौरागढ़ में भी जनसुनवाई होगी। वहां पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष डीपी गैरोला, मनोज कुमार जैन, नीरज सती, रजनीश माथुर, दीपक पांडे, प्रभात किशोर डिमरी, निदेशक (तकनीकी), दीपक कुमार आदि थे।
खेती के लिए सस्ती बिजली की मांग की
रुद्रपुर। जनसुनवाई के दौरान किसानों ने खेती के लिए विद्युत दरों को सस्ता करने की मांग की। उन्होंने कहा कि खेती पहले ही काफी महंगी हो चुकी है, ऊपर से महंगी होती बिजली की दरों ने खेती को और अधिक महंगा कर दिया है। उन्होंने खेती के लिए अलग विद्युत दरें जारी करते हुए न्यूनतम शुल्क लेने की मांग की। संवाद
फोटो-22 आरडीपी 31पी- जिला पंचायत में जन सुनवाई में मौजूद विद्युत नियामक आयोग के अधिकारी।
32पी- जनसुनवाई में अपने सुझाव देते किसान।