काशीपुर में नवमी के दिन जहां एक ओर घर-घर में कन्या पूजन किया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर उसी दिन एक सौतेली मां ने अपनी बेटी की बर्बरता पूर्वक हत्या करके उसे एक खाली मकान में गड्ढा खोदकर दबा दिया। इस वारदात से हर कोई आहत है। लोग कह रहे हैं कि जिस मां को बेटी की परवरिश करनी थी वह ही उसकी हत्या कर देगी ऐसा किसी ने कभी नहीं सोचा होगा। क्षेत्र के खड़कपुर देवीपुरा स्थित रेलवे क्रासिंग के पास एक घर में मासूम की बर्बरता पूर्वक हत्या से सनसनी फैल गई है। लोगों का कहना है कि आखिर क्यों सौतेली मां ने इस तरह से मासूम सोनी (8) पुत्री मोनू कुमार मार डाला।
सोनी के पिता मोनू कुमार ने बताया पहली पत्नी की मौत के बाद यह सोचकर उसने दूसरी शादी की थी कि उसकी बिन मां की दोनों बच्चियों को ममता का आंचल मिल जाएगा। लेकिन उसे क्या पता था कि जिसे वह बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी सौंप रही है, वह ही उसकी लाडली को मौत की नींद सुला देगी। मोहल्लेवासियों ने बताया कि नवमी के दिन सुबह से ही सोनी अपनी सहेलियों के साथ घर-घर में कन्या पूजन के लिए जा रही थी। बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे तक सोनी को हंसते-खेलते सहेलियों के साथ गली में घूमते देखा था। उसके बाद सोनी दिखाई नहीं दी।
17 अप्रैल 2024 की शाम जब सोनी के पिता बिजनौर से घर आए तब मोहल्लेवासियों को पता चला सोनी लापता है। तब लोगों ने उसकी आसपास तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। माेनू कुमार ने आईटीआई थाना में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने 18 अप्रैल 2024 को सीसीटीवी कैमरे की मदद से तलाश शुरू की। तब देखा कि 17 अप्रैल 2024 को दोपहर करीब 2:30 बजे सोनी की सौतेली मां उसे अपने घर से सामने खाली पड़ी मकान में ले जा रही है। इसके बाद सोनी का शव उस मकान में एक गड्ढे में दबा मिला।
कहीं दादी और पिता की चहेती होने पर तो नहीं हुई हत्या
मृतक सोनी के पिता मोनू कुमार बताते हैं कि सोनी परिवार की बड़ी बेटी थी। वह उनकी और दादी की चहेती थी जिसके चलते उसकी दूसरी पत्नी लक्ष्मी द्वेष भावना रखती थी। अक्सर पहली पत्नी रीना की दोनों बेटी सोनी और तनु को लेकर झगड़ा होता रहता था। मोनू ने बताया कि वह कहती थी तुम लोग मेरे बेटे और बेटी से कम प्यार करते हो। शायद इसी चलते उसने उसकी लाडली बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी।