नायब तहसीलदार से मारपीट मामले में लंबे समय तक फरार रहे विधायक की गिरफ्तारी में हीलाहवाली करना गदरपुर थानाध्यक्ष को महंगा पड़ गया। एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए एसओ गदरपुर को एसएसपी कार्यालय से अटैच कर दिया है। जबकि सितारगंज कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप राणा को गदरपुर का नया एसओ बनाया गया है।
बीते 25 अगस्त को पट्टे की जमीन के निर्णय से नाखुश गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय और समर्थकों ने नायब तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल से मारपीट कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। तब से विधायक पांडेय फरार चल रहे थे। हालांकि विधायक की गिरफ्तारी को पुलिस ने जगह-जगह दबिश भी दी, लेकिन वे हत्थे नहीं चढ़े। सोमवार को फरार विधायक पांडेय ने समर्थकों के साथ गदरपुर थाने में गिरफ्तारी दी। इधर लंबे समय तक विधायक की गिरफ्तारी में नाकाम रहे गदरपुर थानाध्यक्ष मनीष उपाध्याय पर गाज गिर गई। मंगलवार को एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने एसएसपी कार्यालय अटैच कर दिया है। जबकि सितारगंज में तैनात कोतवाल प्रदीप राणा को गदरपुर का थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर चंदर सिंह बिष्ट को सितारगंज कोतवाल बनाया है। एसएसपी भरणे ने बताया कि गदरपुर एसओ को विधायक की गिरफ्तारी में हीलाहवाली करने पर एसएसपी कार्यालय अटैच किया है, न कि विधायक के पांव छूने वाले मामले में।