जिले में एक महीने से भी कम समय में नशे के दौरान संक्रमित सिरिंज को शेयर करने से छह युवकों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। ओएसटी सेंटर की रिपोर्ट पर एड्स पीड़ित इन छह युवकों का हल्द्वानी एआरटी सेंटर में इलाज शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि रुद्रपुर में नये साल के पहले दिन एड्स पीड़ित एक नशेड़ी युवक की मौत हुई थी। जिले में युवाओं में बढ़ती नशे प्रवृति अब घातक बनती जा रही है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. डीडी रखोलिया ने बताया कि ओएसटी सेंटर में कुल 381 मरीजों का इलाज चल रहा है।
इनमें से इंजेक्शन लगाकर नशा करने वाले 120 मरीज शामिल हैं। जनवरी में आई ओएसटी की रिपोर्ट में जिले में नशे के लिए सिरिंज को शेयर करने वाले छह युवक एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं। इंजेक्शन से नशा करने के आदी इन युवकों ने एड्स संक्रमित दूसरे साथियों के साथ नशे के इंजेक्शन शेयर करने की स्वयं पुष्टि की है।
इस गोपनीय रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। ओएसटी प्रभारी एवं काउंसलर डॉ. श्वेता दीक्षित ने बताया कि ओएसटी सेंटर की ओर से जिला अस्पताल स्थित नाको के आईसीटीसी केंद्र (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) में रिपोर्ट भेजने के बाद उक्त युवकों का एआरटी सेंटर हल्द्वानी में इलाज शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में एआरटी सेंटर की सुविधा फिलहाल नहीं है। जिले मेें वर्ष 2013 से अब तक अब तक इंजेक्शन से नशा लेने से 76 युवा एड्स से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 21 युवकों की मौत हो चुकी है।