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शिक्षित महिला परिवार, समाज और देश के विकास में अहम 

Sat, 12 Jan 2019 12:30 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो
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रुद्रपुर में अपराजिता अभियान के आयोजित संगोष्ठी में मौजूद महिलाएं।   - फोटो : amar ujala
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परिवार, समाज और देश के विकास में एक शिक्षित महिला कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, शिक्षित महिलाएं किस तरह समाज में बदलाव ला सकती हैं, वर्तमान में एक महिला को अपने दैनिक जीवन में कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इस गंभीर मुद्दों पर सवालों पर शुक्रवार को रुद्रपुर के जैन मंदिर के सभागार में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के क्रम में ‘समाज में शिक्षित महिला की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई।

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संगोष्ठी में गृहणियों से लेकर विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। कहा कि एक शिक्षित महिला की अपने परिवार, समाज से लेकर देश के विकास में शुरू से ही महत्वपूर्ण अहम भूमिका रही है। महिलाओं ने सामंतवादी सोच और सामाजिक रुढ़िवादिता पर भी करारी चोट की। संगोष्ठी में वंदना चौहान, कुलवंत कौर, रुद्रपुर राइजिंग के अध्यक्ष विजय आहूजा, मनीषा राय, हरीश चौधरी, रीता चौहान आदि मौजूद रहीं। 

शिक्षित महिला समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। पढ़ी-लिखी महिलाओं को बैंक से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर कोई गुमराह नहीं कर सकता है। शिक्षित महिला समाज की रीढ़ होती है। - शालिनी शर्मा, शिक्षिका।
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गृहणी के लिए सही शब्द है होम मेकर। शिक्षित महिला मां, पत्नी, बेटी के रूप में एक सभ्य और संस्कारी समाज की शिल्पकार होती है। शिक्षित महिलाएं अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हैं। - दीपा जोशी, गृहणी। 

एक पढ़ी-लिखी महिला अपने परिवार को सभ्य और प्रगतिशील तो बनाती ही है, इसके साथ ही समाज और देश के विकास में अप्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से कई भूमिकाएं निभाती है। - नीतू गुप्ता, डांस टीचर। 

समाज और देश का सही, सच्चे अर्थों में तभी विकास हो सकता है, जब देश की नारी शिक्षित हो। आज पढ़ी-लिखी महिला घर से लेकर व्यवसाय और अन्य कार्य क्षेत्रों में मुकाम हासिल कर रही है। - स्वाति जैन, गृहणी। 

बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों ही बेहद जरूरी हैं। कुछ लोग अभी भी बेटा-बेटी में भेदभाव करते हैं। आज बेटियां पढ़-लिखकर किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। - सुनीता चमियाल, समाजसेवी। 

समाज में अभी भी कुछ पिछड़े क्षेत्रों में बेटियों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि अब प्रत्येक गांव में सरकारी विद्यालय उपलब्ध हैं। सरकार को इस समस्या पर फोकस करना चाहिए। - बीना जैन, गृहणी। 

शिक्षित महिला हमेशा जागरूक रहती है और दूसरी महिलाओं को भी जागरूक करती है। हमें बेटियों से किसी प्रकार भेदभाव न करके उन्हें उच्च शिक्षा दिलवानी चाहिए। - पिंकी तिवारी, शिक्षिका। 

वर्तमान की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देेखते हुए महिला का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। यदि महिलाएं शिक्षित होंगी तो समाज भी शिक्षित व सभ्य होगा। महिलाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। - ऊषा अग्रवाल, अध्यक्ष, अग्रवाल महिला समिति। 

शिक्षित महिलाओं को कानूून, अपने अधिकारी व कर्तव्यों की पूरी जानकारी होती है। यदि महिलाएं शिक्षित होंगी तो उनका उत्पीड़न भी कम होगा। शिक्षित महिलाओं पर हमें फख्र करना चाहिए। - भावना अग्रवाल, महामंत्री, अग्रवाल महिला समिति। 

शिक्षित महिला अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती है। उन्हें अच्छे संस्कार देती है। यदि बच्चे सभ्य और संस्कारी होंगे तो देश से कई बुराइयां स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी। - सोनिया रस्तोगी, गृहणी। 

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