काशीपुर। उधार के तीन लाख 40 हजार रुपये न लौटाने पर एक व्यक्ति को छह माह का कारावास और 3,60,000 रुपये जुर्माने के तौर पर भरना पड़ेगा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह निर्णय सुनाया है।
मोहल्ला वाल्मीकि बस्ती काशीपुर निवासी दीपक कुमार ने अम्बा विहार कॉलोनी बाजपुर रोड निवासी राजेश कुमार के खिलाफ एक परिवाद दायर किया था।
इसमें उन्होंने बताया कि राजेश कुमार ने उनसे 10 जुलाई 2020 से नौ अक्तूबर 2023 तक तीन लाख 40 हजार रुपये अपनी जरूरत के मुताबिक समय-समय पर उधार लिए थे। इसके लिए एक एग्रीमेंट भी किया था। जब उन्होंने उधार दिए रुपये वापस मांगे, तो राजेश ने पांच नवंबर 2023 को उक्त राशि का एक चेक भारतीय स्टेट बैंक का दे दिया लेकिन बैंक में चेक लगाने पर एक्सीड अरेंजमेंट की टिप्पणी के साथ चेक वापस कर दिया गया।
इस प्रकार चेक डिसऑनर हो गया। इसके बाद दीपक ने राजेश को 18 नवंबर 2023 को एक नोटिस भेजा। इसके बावजूद उसने दिए हुए समय तक रुपये नहीं लौटाए। इसके बाद दीपक ने राजेश के विरुद्ध परिवाद दायर किया।
राजेश कुमार ने न्यायालय में दीपक के कथनों को गलत बताते हुए स्वयं के निर्दोष होने, झूठा मुकदमा होने और उसकी कोई देनदारी न होने का कथन किया जबकि दीपक ने एग्रीमेंट की मूल प्रति प्रस्तुत की और डिसऑनर किए गए चेक दर्शाए।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार की अदालत ने राजेश कुमार को दोषी पाया। उसे छह माह के कारावास और 3.60 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन महीने और साधारण कारावास में बिताने होंगे।