रुद्रपुर। छतरपुर रेलवे फाटक के पास शनिवार सुबह करीब नौ बजे ट्रेन संख्या-55302 लालकुआं पैसेंजर से कटकर छह गोवंशों की मौत हो गई। घटना के बाद पैसेंजर ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही। इस दौरान घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। ट्रेन रोके जाने के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि घटना के कारण काठगोदाम से दिल्ली जाने वाली उत्तरांचल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को हल्दी स्टेशन पर और शताब्दी एक्सप्रेस को रुद्रपुर में रोक दिया गया।
स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि शवों को ट्रैक से हटाने के बाद पैसेंजर ट्रेन को करीब डेढ़ घंटे बाद रवाना किया गया। इसी तरह शताब्दी एक्सप्रेस को एक घंटे बाद और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को हल्दी से दोपहर 12:25 बजे दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
घटनास्थल पर एक घंटे बाद पहुंची आरपीएफ
रुद्रपुर। गोवंश की मौत के बाद घटनास्थल पर पहुंचे गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष विराट आर्य ने बताया कि रेलवे की लापरवाही के चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ है। घटना के कुछ देर बाद ही आरपीएफ के अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी गई थी लेकिन आरपीएफ के कर्मी एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि संगठन ने अपने खर्च पर जेसीबी मशीन मंगवाकर गोवंशों के शवों को दफनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फाटक के पास से गुजर रहे गोवंशों को वहां तैनात रेलवेकर्मी आसानी से रोक या भगा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया और यह घटना हो गई। घटना पर तमाम संगठनों व समाजसेवियों ने रेलवे प्रशासन के विरुद्ध रोष व्यक्त करते हुए इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है। संवाद