दि किसान सहकारी चीनी मिल में चीनी का उत्पादन पिछले साल से इस बार घटेगा। क्षेत्र में गन्ने का रकवा 1352 हेक्टेयर कम होने से मिल के पेराई का लक्ष्य भी पांच लाख कुंतल कम रखा गया है।
गन्ने का रकवा घटने का कारण किसानों को समय से गन्ना मूल्य न मिलना माना जा रहा है। मिल प्रबंधन पेराई सत्र चालू करने को लेकर उत्साहित है तो वहीं मिल को घाटे से उबारने की चिंता भी।
दि किसान सहकारी चीनी मिल को सहकारी गन्ना विकास समिति से जुड़े सितारगंज के 6691 और खटीमा के 4371 किसान गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं। इन किसानों ने इस बार 5927 हेक्टेयर सितारगंज और 6054 हेक्टेयर खटीमा क्षेत्र में गन्ना बोया है। जबकि, गत वर्ष 2014-15 के सत्र में 13 हजार 333 हेक्टेयर गन्ना बोया गया था।
इस साल 135 हेक्टेयर गन्ने का रकवा कम होने से चीनी का उत्पादन भी घटेगा। मिल सूत्रों की मानें तो गत वर्ष 30 लाख कुंतल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, इस बार 25 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का लक्ष्य है। इससे मिल को 312 करोड़ के घाटे को उबारने की चिंता मिल प्रबंधन पर साफ नजर आ रही है।