शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों से नियुक्तियां करने की जांच एसआईटी ने तेज कर दी है। एसआईटी ने जिले में वर्ष 2012 के बाद नियुक्त करीब 700 बेसिक शिक्षकों के दस्तावेज व अन्य रिकॉर्ड मांगे हैं। सभी ब्लॉकों के माध्यम से शिक्षकों को इसकी लिखित सूचना भेज दी है। इससे शिक्षा विभाग मेें खलबली मची है। शिक्षकों की सबसे अधिक संख्या खटीमा और सितारगंज ब्लॉक में है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति ब्लॉक स्तर पर होने से इस प्रक्रिया में घोटाले की आशंका अधिक है। वर्ष 2015 में फर्जी प्रमाण पत्रों से भर्ती हुए 15 शिक्षकों को बर्खाश्त किया गया था। गत दिनों ने शिक्षा विभाग ने जूनियर हाईस्कूल धीमरी, गदरपुर में फर्जी दस्तावेजों से नियुक्ति पाने के आरोप में बदायूं, यूपी निवासी श्रीराम को भी बर्खाश्त कर दिया था।
इसके बाद एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी के निशाने पर राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक हैं। एसआईटी ने ऊधम सिंह नगर जिले में वर्ष 2012 के बाद नियुक्त हुए करीब 700 शिक्षकों के प्रमाण जांच के लिए मांगे हैं। इनमें सितारगंज और खटीमा ब्लॉक में सर्वाधिक शिक्षक हैं। दस्तावेजों में शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, स्थायी निवास समेत विभिन्न रिकॉर्ड मांगे गये हैं। बेसिक जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी ब्लॉक में बीईओ को पत्र भेजकर इसकी सूचना भेज दी है।
दस्तावेज जांचने के साथ ही पूछताछ भी होगी
रुद्रपुर। एसआईटी की टीम शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांचने के साथ ही उनसे पूछताछ भी करेगी। सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए संदिग्ध मालूम पड़ने वाले मामलों में शिक्षकों से सख्त पूछताछ होगी।
फर्जी प्रमाण पत्रों से नियुक्ति की जांच कर रही एसआईटी ने वर्ष 2012 के बाद नियुक्त सभी बेसिक शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांचने के लिए मांगे हैं। करीब 700 शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांचे जाएंगे।
रवि मेहता, डीईओ बेसिक, ऊधम सिंह नगर