विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल का पुतला फूूंकने पहुंचे कांग्रेसियों के कब्जे से सिंघल समर्थकों ने पुतला कब्जे में ले लिया। उन्होंने पुतले में पूर्व सीएम हरीश रावत का नाम लिखकर पुतला फूंक डाला। आनन-फानन में कांग्रेसियों ने दुकान से टैडी वियर खरीदकर विधायक सिंघल का पुतला फूूंका। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोनों पक्षों में टकराव की आशंका की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
बुधवार सुबह ग्राम प्रधान वरुण चौधरी, कांग्रेसी नेता डा. यूनुस चौधरी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक में सभा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि पैसों की चकाचौंध में शैलेंद्र मोहन सिंघल ने रंग बदलकर हरीश रावत की पीठ में छुरा घोंपा और प्रदेश की उम्मीदों की सरकार गिराई। अब ग्राम प्रधानों में सिंघल फूट डालकर उनके आपसी भाईचारे पर प्रहार कर रहे हैं। इसी बीच सिंघल समर्थक वहां पहुंचे और बस में रखा पूर्व विधायक का पुतला कब्जे में ले लिया और बस के टायरों की हवा निकाल दी। जिससे दोनों पक्षों ने तनातनी हो गई। सिंघल समर्थकों ने पुतले में पूर्व सीएम हरीश रावत लिखकर जला दिया।
उनका आरोप था कि जब मामले से विधायक का कोई लेना देना नहीं है तो उनका पुतला क्यों फूंका जा रहा है। इस मौके पर जयपाल सिंह, राजकुमार, चंद्रपाल, निर्मल सिंह, मुकेश कुमार, ओम प्रकाश, कमलजीत सिंह, विपिन कुमार, मो.हसन, भजन सिंह, खूब सिंह, अमरजीत सिंह, कमल सिंह आदि कई प्रधान मौजूद रहे। इधर अपना पुतला कब्जाने से आक्रोशित कांग्रेसियों ने दुकान से टैडी वियर खरीदा और सिंघल का नाम लिखकर फूंक डाला। उन्होंने शहर में जुलूस निकालकर गुस्से का इजहार किया।
इस दौरान चौराहे पर दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। टकराव न हो, इसलिए ऐहतियातन पुलिस तैनात रही। सिंघल का पुतला फूंकने वालों में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि सिंह, अतीकुर्रहमान रहबर, जाकिर हुसैन, गोविंद सिंह, नईम अहमद, रिपुदमन, मंजीत सिंह, रंजीत लाहोरी, मौ.हनीफ, नाजिर अली, मौ.एजाज, गुलफाम, गुरजीत हुंडल, गुरप्रीत सिंह, नवनीत चौहान, वीरपाल सिंह आदि मौजूद थे।
यह थी विवाद की वजह
विधायक डा. सिंघल के समर्थक दो तिहाई ग्राम प्रधानों ने ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष वरुण चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कर उन्हें पद से हटा दिया था। उन्होंने सर्वसम्मति से विजेंद्र सिंह को ग्राम प्रधान संघ का अध्यक्ष चुन लिया था। इसी के विरोध में बुधवार को ग्राम प्रधान वरुण चौधरी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पूर्व विधायक सिंघल पर इस घटनाक्रम का जिम्मेदार ठहराते हुए पुतला दहन करने का कार्यक्रम तय किया तो सूचना मिलते ही सिंघल समर्थक भी वहां पहुंच गए थे।