काशीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्त्री धन हड़पने के आरोपी पति और सास-ससुर को एक वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
प्रगति विहार, बाजपुर रोड निवासी इशिता चौधरी ने 28 मार्च 2016 को अपने अधिवक्ता आनंद रस्तौगी के माध्यम से एसीजेएम कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया था। कहा कि एक मई, 2014 को उसकी शादी गिरीताल निवासी मयंक चौधरी के साथ हुई थी।
शादी और इससे पूर्व उसके पिता ने 24 लाख रुपये नकद, 20 तौले सोने और 25 तौले चांदी के जेवरात व अन्य कीमती सामान स्त्रीधन के रूप में दिया था। आरोप है कि शादी के बाद पति मयंक चौधरी, ससुर सत्यवीर सिंह चौधरी और सास रेखा चौधरी उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे।
04 अप्रैल, 2016 को ससुरालियों ने पांच लाख रुपये दहेज के लिए उसे पीटकर घर से निकाल दिया। परिवाद का संज्ञान लेकर कोर्ट ने दहेज का सामान गबन करने के आरोप में तीनों आरोपियों को धारा 406 के तहत तलब किया।
परिवाद के समर्थन में इशिता समेत दो लोगों की गवाही र्हुइं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने परिवादनी के पति मयंक, ससुर सत्यवीर और सास रेखा चौधरी को स्त्रीधन का गबन करने का दोषी माना।
एसीजेएम ने तीनों आरोपियों को धारा 406 के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।