रुद्रपुर। विकास खंड खटीमा के नौगवाठग्गू निवासी राजकुमारी राना ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने साथ 15 से अधिक महिलाओं की जीवन की दिशा बदल दी है। शगुन स्वयं सहायता समूह की सदस्य राजकुमारी पहले मजदूरी और खेती पर निर्भर थीं जिससे परिवार की मासिक आय मात्र पांच से छह हजार रुपये थी और आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई थी। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही थी।
वर्ष 2018 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव शुरू हुआ। समूह को 10 हजार रुपये की सहायता राशि, 55 हजार रुपये का सीआईएफ और बैंक से 1.5 लाख रुपये का ऋण मिला जिससे उन्होंने समूह की अन्य महिलाओं के साथ हल्दी, दलिया, मसाले और अचार बनाने का कार्य शुरू किया। साथ ही उन्हें हैंडलूम और मसाला निर्माण जैसे प्रशिक्षण भी प्राप्त हुए। उन्होंने समूह से ऋण लेकर अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया। 2021 में वन धन विकास केंद्र की स्थापना के बाद उन्हें दलिया मशीन, आटा चक्की और पैकेजिंग मशीन जैसी सुविधाएं मिलीं, जिससे उनके काम को और गति मिली। सरस मेले, सशक्त बहना उत्सव जैसे मंचों पर उत्पादों की बिक्री से उनकी वार्षिक आय बढ़कर दो लाख रुपये से अधिक हो गई है। वर्तमान में इस समूह से जुड़ कर करीब 15 से अधिक महिलाओं आर्थिक रुप से सशक्त बन रही हैं।
ऐसे समूहों को लगातार आगे बढ़ाने व अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास चल रहा है जो आत्मनिर्भर बने। समूह की महिलाओं के लिए तमाम प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे है ताकि महिलाओं को अपने काम के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके।
- सुशील मोहन डोभाल, डीडीओ