मेलाघाट में जगबुड़ा नदी में सिंचाई विभाग द्वारा बनायी गयी पत्थर पिचिंग धसने की सूचना पर खलबली मच गई। मौके पर पहुंची एसडीएम ऋचा सिंह ने एक किमी क्षेत्र में बनी 21 ठोकरों का निरीक्षण किया। वहां करीब सवा दो करोड़ की लागत से 350 मीटर पत्थर पिचिंग की गई है।
इधर प्रशिक्षु पीसीएस सीमा विश्वकर्मा ने कामन नदी का निरीक्षण कर भूकटाव की स्थिति देखी। एसडीएम ऋचा सिंह ने पाया कि पत्थर पिचिंग, ठोकरों से गांव को बहुत राहत है।
हर साल कटाव कर रही नदी कटाव करती थी। एसडीएम सिंह ने बताया कि एक जगह जहां खेतों का पानी जगबुड़ा नदी में गिरता है।
वहां पर कुछ जमीन बैठ गयी थी। वहां बाढ़ सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के एसडीओ अमित गुप्ता को निर्देशित किया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल ठोकर, दीवार पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कामन नदी से भी इस बार कटाव नहीं हुआ है। एसडीओ गुप्ता ने बताया कि खेतों के पानी निकासी के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। वहां जेई सुबोध सिंह, पटवारी नरेंद्र गहतोड़ी, सतीश कुमार, दीपक कुमार, कन्हैया आदि थे।