किच्छा। उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना की ओर से शहदौरा में किसानों को धान की सीधी बुवाई की विधि और खरपतवार नियंत्रण की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने किसानों को सीधी बुवाई के फायदे बताए।
वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण के उद्देश्य व रूपरेखा की जानकारी दी। प्रशिक्षण के लिए परियोजना की ओर से राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र कटक (ओडिशा) के प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. अंजनी कुमार ने किसानों को खेत की तैयारी, बीजाई की विधि, बीज शोधन, खरपतवार नियंत्रण के बारे में बताया। प्रशिक्षण के बाद धान की सीधी बुवाई के इच्छुक किसानों जावेद खान, अतीक अहमद, मकसूद खान, अहमद हुसैन आदि को धान की उन्नत प्रजाति के बीज वितरित किए गए। समापन के बाद शहदौरा के कृषक जावेद अख्तर के खेत का स्थलीय भ्रमण कर धान की बुवाई के बारे में जानकारी देकर किसानों के संशय को दूर किया गया। वहां उप निदेशक डाॅ. एसके उपाध्याय, डाॅ. सर्वेश्वर उनियाल, तुलसी, मनोज कुमार, मेहरबान सिंह, सोनी गंगवार, उस्मान, यूनिट अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह मेहरा, मुकेश रतूड़ी, प्रशिक्षण प्रभारी पूरन चंद्र पाठक आदि मौजूद रहे।