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छात्रवृत्ति घोटाले में जसपुर कोतवाली के विवेचक ने खंगाले दस्तावेज

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जिला समाज कल्याण कार्यालय में अभिलेख जांचते एसआई कृष्ण कुमार। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर की गिरफ्तारी के बाद विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की विवेचना तेज हो गई है। जसपुर थाने में दर्ज एक मुकदमे के विवेचक ने समाज कल्याण कार्यालय पहुंचकर छात्रवृत्ति लेने वाले दस छात्रों के शैक्षिक और बैंक खातों का ब्योरा खंगाला। सभी छात्रों ने बाहरी कॉलेजों में पढ़ने के दौरान छात्रवृत्ति हासिल की थी। अचानक विवेचक के समाज कल्याण कार्यालय पहुंचने से कर्मियों में खलबली मची रही।
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जिले के तीन हजार से अधिक एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों का हरियाणा, यूपी और अन्य जगहों के कॉलेजों में विभिन्न कोर्स में दाखिला दर्शाकर छात्रवृत्ति आवंटित की गई थी। घोटाला उजागर होने के बाद जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, खटीमा, कुंडा थाने में 59 कालेजों और 50 से अधिक दलालों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। अकेले जसपुर कोतवाली में 25 से अधिक केस दर्ज किए गए थे। एसआईटी 22 दलालों को गिरफ्तार कर चुकी है। दो दिन पहले तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर को पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। हाईकोर्ट की सख्ती और आला अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमों की विवेचना को तेजी लाई जा रही है। बुधवार को जसपुर थाने में तैनात एसआई कृष्ण कुमार विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने घोटाले में दर्ज मुकदमे से संबंधित दस छात्रों के शैक्षिक, स्थायी, जाति प्रमाणपत्रों के साथ ही बैंक संबंधी ब्योरा भी कर्मचारियों से तलब किया। इन छात्रों ने वर्ष 2012 से वर्ष 2014 के बीच बाहरी कालेजों में प्रवेश के बाद छात्रवृत्ति ली थी। करीब ढाई घंटे तक विवेचक ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। उन्होंने पूरी कार्रवाई को विवेचना का हिस्सा बताते हुए जानकारी देने में असमर्थता जताई।
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