रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर की सड़कें अब खूनी हो गई हैं। जिले में मौत की रफ्तार बेकाबू है। आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। वर्ष 2024 में हर ढाई दिन में एक व्यक्ति की मौत हो रही थी, अब 2026 में करीब हर दिन एक मौत हो रही है।
वर्ष 2024 में सड़क हादसों में 144 लोगों ने जान गंवाई थी जबकि मौजूदा साल 2026 में जुलाई तक यानी सिर्फ सात महीनों में करीब 250 दिनों में ही 198 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। यानी पिछले पूरे साल के मुकाबले 54 मौतें ज्यादा और 37.5 प्रतिशत का सीधा इजाफा। औसत निकालें तो डर और बढ़ जाता है। मौत की रफ्तार दोगुनी से भी ज्यादा तेज हो गई है। सिर्फ ऊधमसिंह नगर ही नहीं, पूरा कुमाऊं मंडल हादसों का हॉटस्पॉट बन गया है। 2024 में मंडल में 250, 2025 में 275 और 2026 में जुलाई तक 309 मौतें हो चुकी हैं। इसमें अकेले ऊधमसिंह नगर की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत यानी 198 मौतों की है।
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हादसों की सबसे बड़ी वजह
पुलिस की मानें तो नेशनल हाईवे पर बढ़ता ट्रैफिक, बेलगाम रफ्तार, ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाना हादसों की सबसे बड़ी वजह है। चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। नतीजा सड़कें हर दिन किसी न किसी की जान ले रही हैं।
तीन साल में जिलावार हादसों में मौतों की संख्या
जिला 2024 2025 2026 (जुलाई तक)
नैनीताल 79 90 86
यूएस नगर 144 168 198
अल्मोड़ा08 03 13
बागेश्वर 04 05 00
पिथौरागढ़ 03 02 07
चंपावत12 07 05
(नोट: यह आंकड़े आरटीआई के तहत प्राप्त हुए हैं।)
कोट:
पुलिस सड़क पर मनमाने तरीके से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करती है। पूरे कुमाऊं में समय-समय पर अभियान भी चलाया जा रहा है। हादसों को कम करने के लिए और प्रभावी अभियान चलेंगे। -निवेदिता कुकरेती, आईजी, कुमाऊं।