सितारगंज। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी आरक्षण से जहां कई दावेदारों में खुशी का माहौल है, वहीं कइयों का गणित बिगड़ गया है। वर्षों से राजनीति की जमीन तैयार कर रहे दावेदारों को आरक्षण के एक झटके ने सियासत से बाहर कर दिया है।
विकासखंड सितारगंज की 76 ग्राम पंचायत, 40 क्षेत्र पंचायत और सात जिला पंचायत सीटों पर आरक्षण जारी होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। कई ऐसे लोग जो पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सीट आरक्षित होने के वजह से चुनाव नहीं लड़ सके थे, वह अब खुलकर सामने आ रहें हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी है जो अपने लिए वर्षों से जमीन तैयार कर रहे थे लेकिन आरक्षण के झटके ने उन्हें सियासत से ही बाहर कर दिया।
हालांकि, आरक्षण के कारण सियासत से बाहर हुए लोग अपने लिए नई संभावनाएं तलाशने में जुटे हैं। कोई अपनी बहन, बेटी, बहू को मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है तो कोई अपने खास को गांव का प्रतिनिधि बनने के ख्वाब देख रहा है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस आरक्षण सूची को पचा नहीं पा रहे हैं। वह अपने नेताओं के प्रभाव से आरक्षण बदलवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में कौन साथ खड़ा होगा और किसके विरोध का सामना करना पड़ेगा यह कह पाना फिलहाल मुश्किल है। संवाद
सितारगंज में 50 फीसदी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी आरक्षण की अनंतिम सूची में सितारगंज विकासखंड में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है। ब्लॉक में कुल 76 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें से 39 सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, 40 क्षेत्र पंचायत सीटों में 20 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित है। इसी तरह सात जिला पंचायत सीटों में तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।
आरक्षण के खिलाफ 60 आपत्तियां हुई दर्ज
बीडीओ सीआर आर्य ने बताया कि सितारगंज में ग्राम पंचायत की 76 सीटों पर करीब 50 आपत्तियां दर्ज की गई है। वहीं, क्षेत्र पंचायत की 40 सीटों पर सात आपत्तियां आई है। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए तीन आपत्तियां दर्ज की गई है।