रुद्रपुर। अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौते के परिणामस्वरूप होर्मुज जलमार्ग से तेल से लदे जहाजों का आवागमन फिर से शुरू हो गया है। इससे रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल पर सकारात्मक असर दिखाई देने की उम्मीद है।
सिडकुल में अनेक विनिर्माण इकाइयां स्थापित हैं। इकाइयां कच्चे तेल से प्राप्त होने वाले उत्पादों पर अत्यधिक निर्भर करती हैं। विशेष रूप से प्लास्टिक, रसायन और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख उद्योग कच्चे तेल से प्राप्त सामग्री का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं। होर्मुज जलमार्ग के फिर से खुलने से इन उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे कच्चे माल की खरीद लागत में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। साथ ही तेल परिवहन की लागत में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। यह कमी सीधे तौर पर उत्पादों की अंतिम कीमत पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। सिडकुल में निर्मित उत्पादों की कीमतें अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी। उद्योगों को बाजार में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगी।
उत्पादों की बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी
कम लागत पर कच्चे माल और परिवहन की सुविधा मिलने से सिडकुल के उद्योग अपनी उत्पादन लागत घटा सकेंगे। इससे उनके उत्पादों की बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उपभोक्ता भी कम कीमतों पर उत्पाद खरीद सकेंगे जिससे मांग में वृद्धि हो सकती है। बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए उद्योगों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी पड़ेगी।
होर्मुज जलमार्ग खुलने के सकारात्मक परिणाम अब सिडकुल की औद्योगिक इकाइयों में भी देखने को मिलेंगे। उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। -श्रीकर सिन्हा, अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन।
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जलमार्ग के फिर से खुलने से उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता होगी। कच्चे माल की खरीद लागत में कमी आने की संभावना है। तेल परिवहन की लागत में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। ।अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन