रुद्रपुर। इन दिनों बढ़ रही भीषण ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के प्रसूता कक्षों को वातानुकूलित करने के लिए एसी लगवा दिए हैं। यह गर्मियों में ठंडी हवा और सर्दियों में इसके उलट गर्म हवा देकर ठंडक दूर करते हैं। इससे अस्पतालों में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को भीषण ठंड में हो रही परेशानियों से राहत मिल रही है।
जिला अस्पताल के 70 बेड वाले जच्चा बच्चा वार्ड में कुल आठ कक्ष हैं। इनमें दो कक्षों को प्रसूताओं के लिए एसी से लैस किया गया है। वहीं प्रसव कक्षों में की गई इस सुविधा से नवजात बच्चे सर्दी के कारण बीमार नहीं हो रहे हैं। मंगलवार को भी करीब 45 प्रसूताएं भर्ती थीं। इनमे सुबह 12 बजे तक 15 महिलाओं को डिस्चार्ज कर सकुशल घर भेजा गया।
बोले मरीज
-दिन में एसी की जरूरत नही पड़ती। रात में एसी चलने से ठंड से काफी राहत मिलती है।
- प्रिया पाण्डे, निवासी मछली मार्केट
- एसी लगने से बहुत राहत मिली है। नहीं तो डिलीवरी के बाद तो ठंड अधिक लगती है।
-ऋतु,निवासी जगतपुरा
प्रसूता वार्ड में अभी दो एसी लगवाए गए हैं। ज्यादा गंभीर केस वाली प्रसूताएं एसी वार्ड में रखी जाती हैं। जनवरी माह में चार और एसी लगवाए जाएंगे।
- आर के सिन्हा, पीएमएस, जिला अस्पताल
टीकाकरण के बाद विपरीत प्रभाव दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करें : सीएमओ
सीएमओ कार्यालय के सभागार में मंगलवार को दो दिवसीय टीकाकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया। इसमें एएनएम को वीएचएसडी, मैग्नीफाइंग ग्लास, पॉकेट चार्ट, ग्लूकोमीटर आदि का भी वितरण किया गया। साथ ही उन्हें यूविन, आरसीएच, एचएमआईएस, डाटा प्रबंधन, माइक्रो प्लानिगं, एईएफआई, वीपीडी सर्विलांस के बारे बताया गया। सीएमओ डाॅ. केके अग्रवाल ने जिला स्तर पर टीकाकरण के बाद होने वाले विपरीत प्रभाव की पहचान होने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करने का कहा। उन्होंने वर्गीकरण, रिर्पोटिंग और निगरानी प्रणाली संबंधी सुझाव भी दिए। इस मौके पर डाॅ. राजेश आर्या, प्रदीप मेहर, सहायक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी प्रदीप पाठक, वीसीसीएम, चांद मियां आदि मौजूद रहे।