रुद्रपुर। आपदाओं के परिप्रेक्ष्य में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) किया। इसके तहत किच्छा तहसील के दरऊ क्षेत्र कृषि क्षेत्र में संभावित टिड्डी दल से फसलों की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल की गई।
कृषि और राजस्व विभाग ने किसानों को नियंत्रण उपाय, कीटनाशक छिड़काव का प्रशिक्षण दिया गया। सीएचसी गदरपुर में भूकंप के झटकों से शॉर्ट सर्किट से जनरल वार्ड में लगी आग बुझाने का अभ्यास किया गया।
लोहिया हेड खटीमा में शारदा बैराज का जलस्तर सामान्य से अधिक होने पर तटबंध क्षतिग्रस्त होने, बाढ़ नियंत्रण पूर्वाअभ्यास किया गया। संजय वन में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पर आधारित मॉक अभ्यास आयोजित किया गया।
आईजीएल काशीपुर में भूकंप के बाद इथाइलीन ऑक्साइड गैस पाइपलाइन में रिसाव के रोकथाम और इंडियन ऑयल, अडानी गैस कॉर्पोरेशन पंतनगर में गैस रिसाव पर नियंत्रण का पूर्भ्ययास किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने कहा कि अभ्यास के माध्यम से आपदा से निपटने की क्षमता, समन्वय, संसाधन प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास के दौरान आपदा प्रबंधन सभागार से वरिष्ठ अधिकारियों ने निरंतर निगरानी बनाए रखी।
वहां प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन गौरव पांडे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. बीके यादव आदि थे।