विभिन्न जेलों में बंद आजीवन सजायाफ्ता कैदियों के लिए 70वां गणतंत्र दिवस रिहाई का तोहफा लेकर आया है। आज गणतंत्र दिवस पर राज्य के तीनों कैदियों को खुली हवा में सांस लेने का मौका मिलेगा।
आईजी कारागार पीवीके प्रसाद ने बताया कि शासनादेश के अनुसार हर वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर 14 वर्ष से अधिक सजा काट चुके कैदियों को रिहा किया जाता है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जेलों में बंद तीन कैदी हत्या के मामले में आजीवन कैद की सजा काट रहे थे।
इनमें से सितारगंत की संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) में बंद चित्ररंजनपुर थाना रुद्रपुर निवासी रंजन सरकार (58) पुत्र तरन सरकार हत्या के आरोप में 16 वर्ष तीन माह की सजा भुगत चुका है। दूसरा कैदी जिला कारागार अल्मोड़ा में सजा भुगत रहे ग्राम बैना पोस्ट ताड़ीखेत, रानीखेत निवासी बालम सिंह (44) पुत्र भूपाल सिंह 17 वर्ष 11 माह की सजा काट चुका है।
इसी तरह तीसरा कैदी केंद्रीय कारागार बरेली में बंद ग्राम पाता थाना तल्लासेठी जिला पिथौरागढ़ निवासी हरीश चंद्र पांडे (58) पुत्र गौरी शंकर पांडे 25 साल 11 माह की सजा भुगत चुका है। उन्होंने बताया कि तीनों कैदियों के अच्छे आचरण और स्वास्थ्य दिक्कतों को देखते हुए इन तीनों कैदियों की रिहाई के आदेश मिल चुके हैं और गणतंत्र दिवस पर आज इन सभी को उनकी जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
रंजन सरकार को 2004 में हुई थी उम्रकैद
सितारगंज। सितारगंत की सपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) में बंद चित्ररंजनपुर, दिनेशपुर थाना रुद्रपुर निवासी रंजन सरकार पुत्र तरंग सरकार को वर्ष 2004 में ऊधमसिंह नगर जिला न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। रंजन ने वर्ष 2002 में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। दो साल चले मुकदमे के बाद रंजन को अदालत ने हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई थी। गृह सचिव नितेश कुमार झा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है जिला प्रशासन और कारागार विभाग की संस्तुति के बाद राज्यपाल ने भारत का संविधान के अनुच्छेद 161 सपठित दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 432 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनेशपुर निवासी रंजन सरकार को 16 वर्ष 03 माह 25 दिन की सजा भुगतने पर रिहा किया गया है। ब्यूरो