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Udham Singh Nagar News: इबादत और कुरआन की तिलावत के साथ रमजान का आगाज

Fri, 20 Feb 2026 02:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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जसपुर। बरकतों और रहमतों के पवित्र महीने माह-ए-रमजान का पहला दिन पूरी अकीदत के साथ गुजरा। बृहस्पतिवार को पहले रोजे पर शहर की फिजाओं में इबादत का नूर बिखरा रहा। पुरुषों ने मस्जिदों में नमाज अदा की, वहीं महिलाओं ने घरों में रहकर खुदा की इबादत और कुरआन-ए-पाक की तिलावत की।
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रमजान के पहले दिन कुदरत भी मेहरबान रही। हल्की धूप और ठंडी हवाओं के कारण मौसम खुशनुमा बना रहा जिससे रोजेदारों को काफी राहत मिली। सुबह फज्र की नमाज से लेकर देर रात इशा और तरावीह तक मस्जिदों में नमाजियों का तांता लगा रहा। बुजुर्गों के साथ बच्चों में भी पहला रोजा रखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखा गया।
शहर के मुफ्ती शमीम अख्तर सअदी ने रोजेदारों को इस्लाम की रूह से रूबरू कराते हुए आपसी प्रेम का संदेश दिया। कहा कि इफ्तार करने से पहले अपने पड़ोसी का हाल जरूर जान लें। इस्लाम में पड़ोसी का हक सर्वोपरि है। अपने दस्तरखान पर बैठने से पहले पड़ोसियों तक इफ्तार पहुंचाना इंसानियत और सुन्नत है। उन्होंने मशवरा दिया कि इफ्तार से 20 मिनट पहले दस्तरख्वान पर बैठकर परवरदिगार की नेमतों का शुक्र अदा करें और दुआ मांगें क्योंकि इफ्तार के समय मांगी गई दुआ जरूर कबूल होती है।
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सामूहिक इफ्तार से भाईचारे की मिसाल
शाम को मस्जिदों और घरों में सामूहिक इफ्तार दिखाई दिया। एक साथ बैठकर रोजा इफ्तार करने से समाज में आपसी मोहब्बत और एकता का पैगाम गया। खजूर और शरबत से रोजा खोलकर सामूहिक रूप से मुल्क की खुशहाली के लिए दुआएं की गईं।

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इफ्तार की शान : ईरान की कीमिया और सऊदी की मबरूम रोजेदारों की पहली पसंद
जसपुर।
माह-ए-रमजान के आगाज के साथ ही बाजारों में इफ्तार की रौनक बढ़ गई है। इफ्तार के दस्तरख्वान की सबसे अहम पहचान खजूर की मांग इस बार भी चरम पर है। हालांकि विदेशी खजूरों पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। ईरान का कीमिया गोल्ड और सऊदी अरब का मबरूम इस बार रोजेदारों की खास पसंद बना है। बढ़े दामों ने ग्राहकों की जेब पर बोझ डाल दिया है।
दुकानदार मो. फैसल बारी ने बताया कि आयात शुल्क में बदलाव के चलते विदेशी खजूर और सूखे मेवों की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 15 से 25 प्रतिशत तक का उछाल आया है। आलम यह है कि आम आदमी अब थोक के बजाय जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहा है।
खजूर की प्रमुख किस्में और कीमतों का अंतर (प्रति किलो)
किस्म (खजूर)
पिछला दाम
वर्तमान दाम

अजवा/कलमी 500 रुपये 800 रुपये
कीमिया गोल्ड 400 रुपये 600 रुपये
मकदूम 300 रुपये 450 रुपये
मबरूम 350 रुपये 400 रुपये
सूखे मेवे और फलों के दाम भी आसमान पर
सिर्फ खजूर ही नहीं बल्कि बादाम, किशमिश, छुआरे और काजू की कीमतों में भी 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फल विक्रेता मोहम्मद शानू ने बताया कि रमजान की मांग के कारण फलों के दाम भी बढ़ गए हैं। बताया कि इसके बाद भी मुस्लिम बहुल इलाकों में खासा उत्साह है। लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार इफ्तार की थाली सजाने के लिए खरीदारी कर रहे हैं।
फल रुपये में
सेब 160/किलो
अंगूर 120/किलो
संतरा 100/किलो
पपीता 50/किलो
केला 60/दर्जन

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रमजान को लेकर चलाया विशेष सफाई अभियान
जसपुर। नगर पालिका प्रशासन ने रमजान के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया। मस्जिदों की राह में चूना डलवाया गया। नगर पालिकाध्यक्ष मो. नौशाद ने बताया कि नगर के मुस्लिम बहुल क्षेत्र एवं मस्जिदों के आसपास सफाई अभियान चलाकर साफ सफाई कराई गई। रमजान में नगर को अधिक साफ रखने के लिए जगह-जगह सफाई कर्मचारी तैनात किए हैं। उन्होंने नगर को स्वच्छ बनाने में पालिका के सहयोग की अपील की। कहा कि रमजान में सफाई से संबंधित कोई शिकायत नहीं आने देंगे।
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