बारिश से किसान तबाही के कगार पर हैं। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नदी, नाले ऊफान पर हैं। किसानों की फसल खेतों में डूबकर सड़ने लगी है। इधर भारत-नेपाल सीमा पर उफनती जगबुड़ा नदी मेलाघाट, सिसैया बंधा में तबाही मचाने लगी है। शारदा सागर डैम एवं जगबुड़ा के उफान से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
कैलाश, देवहा, थनारा, कामन, लोहिया, परवीन एवं खकरा नदियां संयुक्त रूप से यूपी के दूनी डैम में गिरती है। संयुक्त नदियों का पानी दाह एवं ढाकी में भू-कटाव ही नहीं भारी तबाही मचाते हुए दूनी डैम में गिरती हैं। एसडीएम निर्मला बिष्ट एवं तहसीलदार यूसुफ अली ने अपनी टीम के साथ यहां पहुंचकर डूब वाले क्षेत्र में बसे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यूपी सीमा से लगे मेहरबान नगर दाह ढाकी, उलानी, मजगवी, सुनपहर क्षेत्र में कैलाश, देवहा भारी तबाही मचा रही हैं, जबकि कामन, थनारा नदियां दियां, चांदपुर, गांगी, उलधन, बिसौटा, जीरो बंधा, सड़ासडिया, रतनपुर ग्रामीण क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। राहत कार्य में सीएम के जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद जोशी, अजय मौर्य एवं नोडल अधिकारी केएस बृजवाल आदि जुटे हैं।
बारिश से सर्वाधिक नुकसान किसानों को हुआ है। कृषि के जानकारों की मानें तो किसानों का 50 प्रतिशत धान मंडियों, आढ़तों एवं कच्चा आढ़तों एवं बिचौलियों को बेचा जा चुका है, जबकि 25 प्रतिशत धान खेतों में अब सड़ने लगा है। वहीं 25 प्रतिशत कटा धान खेतों में खराब हो रहा है।
किसान आयोग उपाध्यक्ष राजपाल सिंह एवं मंडी चेयरमैन नंदन सिंह खड़ायत ने कहा कि फसल का सर्वे कराया जाएगा। जायद की फसल भी उगने से पहले ही सड़ने लगी है। उन्होंने कहा कि सर्वे के अनुसार सरकार एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध कर मुआवजा एवं कृषि बीमा दिलाया जाएगा। इधर मंडी समिति उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। मंडी चेयरमैन खड़ायत ने बताया कि राजीव नगर एवं खेतलसंडा खाम के पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर उनके खाने-पीने की व्यवस्था का दायित्व पूर्ति निरीक्षक को सौंपा गया है। दाह ढाकी क्षेत्र के 20 पीड़ित परिवारों को स्कूलों एवं चर्च में व्यवस्थित किया गया है। वहीं खेतलसंडा खाम के दूब वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर सिफ्ट कर दिया है।
खतरे से बाहर है नानकसागर डैम का जलस्तर
खटीमा। नानकसागर डैम का पानी खतरे से बाहर बताया जा रहा है। किसान आयोग उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, डैम प्रशासन ईई एसपी सिंह, सहायक अभियंता शरद कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। ईई सिंह ने बताया कि डैम से 22.500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डैम में 703.5 फुट पानी भरा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान डैम का जल स्तर खतरे से बाहर है। इधर भाकियू जिलाध्यक्ष गुरसेवक सिंह एवं भाकियू (चढूनी) ब्लॉक अध्यक्ष मनजिंदर सिंह भुल्लर ने किसानों का हुए नुकसान का सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा की कार्रवाई की मांग की है।
जलभराव पीड़ित 44 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किया शिफ्ट
खटीमा। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जल भराव से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया है। एसडीएम निर्मला बिष्ट ने बताया कि खेतलसंडा खाम में 8 परिवारों को राप्रावि खेतलसंडा खाम, बंगाली कालोनी के 5 परिवारों को राप्रावि बंगाली कालोनी झनकईया, खेतलसंडा खाम के 8 परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्र खेतलसंडा खाम, दाह ढाकी में 16 परिवारों को सेंट फ्रांसिस स्कूल दाह ढाकी तथा नौसर के 7 परिवारों को निर्मला इंटर कॉलेज नौसर में शिफ्ट किया गया है।
मझोला में बारिश से ग्रामीण का ढहा मकान
खटीमा। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से ग्राम मझोला निवासी तोताराम का मकान ढह गया। अलवत्ता इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि घरेलू सामान नष्ट हो गया। पीड़ित तोताराम ने बताया कि उसके आवास की एक दीवार भर भराकर गिर गई। इसके साथ ही वह लोग मकान से बाहर निकल गए। घर का सामान निकालते उससे पहले ही लिंटर धराशयी हो गया। ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, भाजपा कार्यकर्ता अजय मौर्य ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
खटीमा में सितारगंज रोड पर मुख्य सड़क पर भरा पानी।- फोटो : KHATIMA
खटीमा में जलभराव पीड़ित परिवारों को ट्रैक्टर-ट्राली में अन्यत्र शिफ्ट करने ले जाते।- फोटो : KHATIMA
खटीमा के मझोला-ढाकी में जलभराव क्षेत्र का निरीक्षण करती एसडीएम निर्मला बिष्ट।- फोटो : KHATIMA
खटीमा के हल्दी घेरा में पानी में जलमग्न धान की फसल।- फोटो : KHATIMA
खटीमा के मझोला गांव में बारिश के चलते गिरा मकान।- फोटो : KHATIMA