दूरदर्शन पर सालों पहले आने वाले रेलवे सुरक्षा विज्ञापन डोंट वेरी वी हैप्पी, फर्क तो पड़ता है भई कई बार लोगों ने देखा होगा। इसके बावजूद आज तक लोग अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं है। फाटक लगते ही लेट होने वाले लोग फाटक के नीचे से वाहन निकाल ले जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ तो ट्रेन नजदीक आने के बाद भी ट्रैक पार करते हुए आसानी से दिख जाते हैं।
रेलवे द्वारा रेलवे सुरक्षा विज्ञापन से लोगों को जागरूक किया जाता है। साथ ही यह भी बताया जाता है कि नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई हो सकती है, लेकिन जागरूकता की बात तो सही है पर नियम तोड़ने पर शायद ही कोई कार्रवाई रेलवे ने की होगी। काशीपुर में रोडवेज के निकट, रामनगर रोड और पुरानी अनाज मंडी के निकट रेलवे फाटक पड़ते है। इसी तरह टांडा उज्जैन मुख्य रेलवे फाटक पड़ता है। ट्रेन के आने के समय यह फाटक बंद होते हैं। लेकिन लोगों इतनी जल्दी में होते हैं कि नियमों को ताक पर रख देते हैं। जो कई बार जोखिम भरा साबित होता है।
ठीक इसी प्रकार रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेन आने के दौरान लोग सीट घेरने के लिए प्लेट फार्म से उतर कर पटरी पार करते हैं। कई बार चलती ट्रेन पर चढ़ने का प्रयास भी करते हैं जो हादसों को दावत देता है। इतना ही ट्रेन के गेट पर भी लोगों को सफर करते हुए आसानी से देखा जा सकता है। कई बार गेट से गिरकर लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद ऐसे पर पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।