जसपुर। नादेही चीनी मिल क्षेत्र के किसानों ने चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक विवेक प्रकाश को पत्र देकर चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी और उनके सहयोगी गन्ना पर्यवेक्षक पर गन्ना पर्ची वितरण में धांधली का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की। किसानों ने गन्ना मंत्री और गन्ना आयुक्त आदि उच्च अधिकारियों को भी पत्र भेजे हैं। प्रधान प्रबंधक ने किसानों को आरोप की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
किसानों ने प्रधान प्रबंधक विवेक को बताया कि फरवरी और मार्च में हजारों पर्चियां पांच-पांच सौ रुपये लेकर जारी कर दीं गईं। किसानों ने मुख्य गन्ना अधिकारी से शिकायत की तो बताया गया कि ऑनलाइन सिस्टम में कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती। इसमें बिना पासवर्ड के कोई काम नहीं होता। किसानों ने आरोप लगाया कि जिन पर्चियों का समय फरवरी में निकल गया था, वह पर्ची भी मुख्य गन्ना अधिकारी ने फिर से कंप्यूटर में फीड कराई है। इस मामले में एक लिपिक भी निलंबित रहा है। आलम यह है कि 12 फॉर्नाइट तक की पर्ची फरवरी और मार्च में ही जारी कर दी गई। शिकायतकर्ताओं ने कुछ किसानों के नाम जारी हुए पर्ची कोड भी प्रधान प्रबंधक को दिए हैं।
आरोप है कि मुख्य गन्ना अधिकारी आए दिन मिल के गेस्ट हाउस में बैठकर माफिया से मिलने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं लेकिन वह किसानों से बात नहीं करते। किसानों ने कहा कि तीन साल पहले भी पर्ची की धांधली पकड़ी गई थी। तब तत्कालीन जीएम चंद्र सिंह इमलाल ने एक कर्मचारी को निलंबित तक किया था। किसानों ने गन्ना आयुक्त, सचिव एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखंड शुगर्स और एससीडीआई से भी शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रधान प्रबंधक विवेक ने बताया कि आरोपों की जांच कराई जा रही है। शिकायत करने वालों में सुंदर सिंह, किशन सिंह, देवेंद्र सिंह, संजीव कुमार, पदम सिंह, राजाराम, विपिन कुमार, रवि सिंह आदि शामिल रहे।