काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पुस्तकालय का लाभ कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कम मिल पा रहा है। इसकी मुख्य वजह नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के मुताबिक पुस्तकालय में सेमेस्टर के आधार पर किताबें उपलब्ध नहीं हैं। वहां पुस्तकालयाध्यक्ष का पद भी खाली है।
राधेहरि महाविद्यालय में करीब छह हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें से कई विद्यार्थी आर्थिक परेशानी के कारण बाजार से जरूरत की किताबें नहीं खरीद पाते हैं।
छात्रसंघ अध्यक्ष गुरकीरत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुस्तकालय में बीए, बीएससी, बीकॉम की पुराने पाठ्यक्रम की किताबें हैं जबकि छात्र-छात्राओं को एनईपी वाली किताबों की जरूरत है। इसके लिए वह प्राचार्य को मांगपत्र सौंप चुके हैं। छात्र नेता सूर्यम श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षाएं खत्म होने के बावजूद पुस्तकालय में जरूरत की किताबें नहीं मिलीं। इसलिए कई छात्र-छात्राओं ने परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन की थी।
एनईपी के मुताबिक कोर्स में कुछ बदलाव हुआ है। सेमेस्टर के मुताबिक किताबें कम हैं। लंबे समय से पुस्तकालयाध्यक्ष का पद खाली होने से भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। - एमके सिन्हा, प्रभारी प्राचार्य, राधेहरि महाविद्यालय, काशीपुर।