निठारी कांड के दोनों दोषियों को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के निर्णय का लोगों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि निर्णय से देश की न्यायिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। महिला कल्याण समिति की हीरा जंगपांगी का कहना है कि खूनी खेल के खुलासे के 11 साल बाद असली गुनाहगार और ऊंची पहुंच रखने वाले कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाने पर निठारी के पीड़ित परिवारों को संतोष जरूर मिला होगा, लेकिन सकून तब मिलेगी जब सजा पर अमल होगा।
बंगाली सांस्कृतिक उत्थान समिति के अध्यक्ष आशुतोष राय ने कहा कि नौकर कोली को तो पहले भी फांसी की सजा सुनाई गई, मगर पंधेर को सीबीआई की कोर्ट ने मामले में फांसी की सजा सुनाकर देश की न्यायिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ाया है। वरिष्ठ समाजसेवी नित्यानंद मंडल का कहना है कि इस तरह के अपराधियों की सजा पर तुरंत अमल होना चाहिए। भाजपा मंडल अध्यक्ष हिमांशु सरकार ने कहा कि अन्य मामले में भी सुनवाई तत्काल होनी चाहिए, ताकि ऐसे क्रूर दरिंदों को जल्दी उनके किये की सजा मिल सके।