सितारगंज। 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट कंपनी के श्रमिकों के समर्थन में सिडकुल संयुक्त मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर एसडीएम गौरव कुमार के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। जुलूस में जेल भेज दो, झूठे मुकदमे लगा दो, पर हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे नारे लगाते हुए चल रहे थे।
बीते तीन दिन से कंपनी में श्रमिक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बृहस्पतिवार को एसडीएम निर्मला बिष्ट और सीओ सुरजीत कुमार ने श्रमिकों का जबरन धरना खत्म कराकर 161 श्रमिकों को गिरफ्तार कर उनका शांतिभंग में चालान किया था। इससे आक्रोशित श्रमिकों ने नकुलिया चौराहे पर प्रदर्शन कर सांकेतिक जाम लगाया था। लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक खदेड़ दिया था।
शुक्रवार को सिडकुल संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में श्रमिकों ने पर्वतीय रामलीला मैदान में सभा की। वक्ताओं ने कहा कि कंपनी प्रबंधन की शह पर महिलाओं को खदेड़कर बदसलूकी की गई। प्रशासन दमनकारी नीति अपनाकर श्रमिकों की आवाज को दबाना चाहता है। इसके बाद श्रमिकों ने मैदान से नकुलिया चौराहा एसडीएम कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। सीएम को भेजे गए ज्ञापन कहा कि पंतनगर और सितारगंज की कई कंपनियों से श्रमिक और श्रमिकों नेताओं को नौकरी से निकाल दिया है। उन्होंने कंपनी मालिक व प्रबंधक पर शांतिभंग करने व गैरकानूनी कृत्यों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने, कंपनियों के मजदूरों की सवैतनिक कार्य बहाली कराने, मजदूरों के मांग पत्र पर तत्काल सुनवाई, झूठे मुकदमे दर्ज करने की घृणित नीति बंद करने, झूठे मुकदमे वापस लेने व श्रम कानूनों को लागू करने की मांग की।
इस मौके पर गुजरात अंबुजा कर्मकार यूनियन के उपाध्यक्ष हरीश सिंह सतवाल, जनार्दन पोखरिया, चंदन सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मृत्युंजय सिंह, सुनील कंबोज, सोनू राठौर, वीर बहादुर, अमरीक सिंह आदि थे। वहीं श्रमिकों के जुलूस प्रदर्शन से लेकर उनके सिडकुल स्थित पार्क पहुंचने तक खुफिया विभाग के अधिकारियों की नजर रही। पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट है।
हड़ताल से दो करोड़ की क्षति का अंदेशा
सितारगंज। गुजरात अंबुजा कंपनी मानव संसाधन सहायक प्रबंधक केके राय ने बताया कि कंपनी में आंदोलन से करीब दो करोड़ की क्षति हुई है। कंपनी की पावर सप्लाई की वायरों को काटा गया और प्लांट को भी क्षति पहुंचाई गई थी। बताया कि श्रमिकों ने जब हड़ताल की तो करीब सात करोड़ की कीमत का करीब तीन हजार टन रॉ मैटेरियल अंडर प्रोसेस था। अगर कंपनी की हड़ताल नहीं खुलती तो यह मैटेरियल खराब हो जाता। शुक्रवार को कंपनी में कार्य भी चालू हो गया। संवाद
मुकदमे में नामों का खुलासा
सितारगंज। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि कंपनी के श्रमिक कैलाश पांडे, हरीश सिंह सतवाल, जनार्दन पोखरिया, राधेश्याम, महेंद्र यादव, रामजीत, संतोष कुमार, गौतम शर्मा, कन्हइया लाल मौरिया, सजन कुमार, दीपेंद्र आदि के नाम सामने आए थे, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।