काशीपुर में एक व्यक्ति ने यूके कॉलोनाइजर व डेवलपर्स के मालिकों पर फर्जी रजिस्ट्री करने और लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। तीन दिन में आरोपियों के खिलाफ यह तीसरी प्राथमिकी दर्ज है।
यूपी मुरादाबाद के चंद्रनगर निवासी दिनेश कुमार पंकज ने कुंडा कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी। इसमें बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में विनय गबर्याल के माध्यम से गढ़वाल सभा रोड जसपुर खुर्द स्थित यूके कॉलोनाइजर एंड डवलपर्स के प्रोपराइटर एहसान अली, शाकिर अली व निजामुद्दीन से संपर्क कर शाहगंज में 100 वर्गफीट का एक प्लाॅट खरीदा था। आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने कॉलोनी में पक्की सड़क, नाली, बिजली और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का वायदा किया था। इसके बदले उसने 3 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने उन्हें मौके पर गाटा संख्या-13 में प्लाॅट दिखाया था लेकिन धोखाधड़ी की नीयत से रजिस्ट्री गाटा संख्या-14 में करा दी गई। जब उसने दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू की तो पता चला कि उक्त गाटा संख्या में कोई रकबा शेष ही नहीं है।
तहसीलदार काशीपुर की रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित खसरा नंबर में जमीन खाली नहीं है। जब पुलिस ऐप के माध्यम से शिकायत की गई तब तत्कालीन सीओ काशीपुर के निर्देश पर हुई पैमाइश में लेखपाल ने बताया कि जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वहां चकरोड है। कुंडा कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुरादाबाद निवासी दो लोग पहले दर्ज करा चुके हैं प्राथमिकी
इससे पहले मुरादाबाद निवासी उत्तर रेलवे से सेवानिवृत्त मंडल कार्मिक अधिकारी रामकैलाश ने पुलिस में तहरीर सौंपी। इसमें आरोप लगाया था कि यूके कॉलोनाइजर ने उससे रजिस्ट्री व अन्य खर्चों के नाम पर 12 लाख रुपये ले लिए। उधर रेलवे हरथाला कॉलोनी मुरादाबाद यूपी निवासी ज्योति भास्कर पुत्री सत्यप्रकाश भास्कर ने कुंडा कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी। इसमें बताया कि उसने अपनी मां के साथ मिलकर गढ़वाल सभा रोड जसपुर खुर्द स्थित यूके कॉलोनाइजर से शाहगंज जसपुर में 42 फीट चौड़़ी सड़क के कॉर्नर के प्लाॅट का सौदा 15 लाख रुपये में तय किया। प्रापर्टी डीलरों ने न रुपये वापस दिए और न ही भूमि पर कब्जा दिया।