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जेसीबी के आगे लेटे व्यापार मंडल अध्यक्ष

Sun, 29 Oct 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
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हाइकोर्ट के आदेश पर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान फुस्स हो गया। जेसीबी ने कुछ ही दुकानों की स्लैब तोड़ी थी कि दुकानदारों की भारी भीड़ ने टीम का विरोध कर डाला। व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक वर्मा नाली के ऊपर से पक्की स्लैब तोड़ने जा रही जेसीबी के आगे लेट गए। अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें समझाबुझा कर वहां से हटाया। जब अतिक्रमण हटाने टीम पहुंची तब नगर निगम मार्केट का बरामदा खाली था। लेकिन टीम जब बाजार से घूम कर लौटी तब तक बरामदे में दुकानें सजी थी। टीम ने दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए सोमवार तक का समय दिया। मंगलवार को जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। शनिवार को हाइकोर्ट के आदेश पर एसडीएम विनीत तोमर, एमएनए केके मिश्र के नेतृत्व में नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी जेसीबी, डंपर व कुछ पुलिस कर्मियों के साथ एमपी चौक से अतिक्रमण हटाने पहुंचे। हाइकोर्ट ने जनहित याचिका पर एमपी चौक से किला बाजार, एमपी चौक से डॉक्टर लाइन तक सूची बद्ध 776 छोटे बड़े स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने और आगे इन स्थानों पर अतिक्रमण नहीं होने देना सुनिश्चित करने, नगर निगम की दुकानों के सामने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
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जेसीबी ने चौक पर स्थित नमन स्वीट हाउस, उसके बराबर की दो दुकानों कुंदन स्वीट हाउस के सामने नाली पर पड़े पक्के स्लैब तोड़ दिए। बड़ी संख्या में दुकानदारों की भीड़ पहुंच गई। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक वर्मा ने जेसीबी चालक को आगे नही बढ़ने की चेतावनी दी। साथ ही दुकानदारों को दुकानें बंद करने को कहा। इसके बाद वर्मा जेसीबी के आगे लेट गए। इससे अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। तब तक व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष राजीव सेतिया, व्यापारी नेता राकेश नरुला, गीता चौहान भी पहुंच गए। व्यापारियों ने स्लैब तोड़ने का विरोध किया। दुकानदारों ने कहा कि नगर निगम ने व्यापारियों से नाली के ऊपर दो फीट तक का स्लैब डालने का समझौता किया था। टीम के आगे बढ़ने के साथ ही दुकानदारों की भीड़ भी बढ़ गई। इसी दौरान बाजार बंद हो गया। दुकानदार दुकानें बंद कर एमपी चौक पर पहुंच गए। जिससे टीम को आगे बढ़ना कठिन हो गया। एसडीएम ने थाने के सामने खोखा बाजार के दुकानदारों को दुकानों के छज्जे और दुकानों पर लगाई गई अलमारी हटाने को कहा है। दुकानदार टीम के सामने अपना अतिक्रमण हटाने का नाटक कर रहे थे। किला बाजार तक टीम ने दुकानदारों को नालियों के ऊपर पड़े पक्के भारी भरकम स्लैब हटाने को कहा है। टीम तब हैरत में पड़ गई जब किला बाजार से वापस लौटने पर नगर निगम मार्केट का बरामदा कहीं नजर नहीं आया। पूरे अभियान में टीम को केवल नालियों के ऊपर ही अतिक्रमण नजर आया। टीम ने भी अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति की है। सहायक नगर अधिकारी एलएम मिश्र ने व्यापारियों से सोमवार तक अपने अतिक्रमण हटाने को कहा अन्यथा मंगलवार से अतिक्रमण तोड़ने की चेतावनी दी। टीम में स्वच्छता अधिकारी डॉ. कमल जीत सिंह, कर अधीक्षक अजय कुमार, हरीश चंद्र जोशी, संजीव मेहरोत्रा, विकास कुमार, हेमचंद्र जोशी, महेंद्र बेंदी आदि थे। पुलिस पर भारी पड़े व्यापारी काशीपुर। दुकानदारों की भारी भीड़ और बाजार बंद होने के कारण अतिक्रमण हटाने आई टीम भीड़ के दबाव में आकर अतिक्रमण नहीं हटा पाई। टीम के कर्मचारी जिस भी अतिक्रमण को हटाने का प्रयास कर रहे थे दुकानदार उसे घेरकर धमकाते हुए फौरन रोक देते। संख्या बल में पुलिस काफी कम थी। इंसेट.......... दुकानदारों ने खरी खोटी सुनाई काशीपुर। अतिक्रमण हटाने बाजार में घूम रही नगर निगम के अधिकारियों को दुकानदारों ने खूब खरी कोटी सुनाई। दुकानदारों ने कहा एक दुकानदार अपनी दुकान के सामने फड़ लगाने वालों से 25 हजार रुपये प्रति फड़ प्रति महीना लेकर कई फड़ लगाता है। शिकायत करने के बाद भी निगम के अधिकारी अवैध फड़ नही हटाते हैं। दुकानदार नाली के ऊपर फोल्डिंग स्लैब डालते है तो उनको अतिक्रमणकारी बताया जाता है। इस बात पर अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
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अतिक्रमण के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार बताया दुकानदारों ने नगर में अतिक्रमण के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर कहा कि नगर निगम के ही कर्मचारी अतिक्रमण कराते हैं शुरू में ही रोका जाए तो अतिक्रमण हो नहीं सकता है। कर्मचारियों की मिली भगत से ही लोग अतिक्रमण करते हैं।
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