रुद्रपुर किच्छा बाईपास रोड स्थित आंचल पशु आहार निर्माणशाला।
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रुद्रपुर। पशु-पक्षी आहार का उत्पादन करने वाली प्रदेश की एकमात्र आंचल पशुआहार निर्माणशाला को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे। इसके बाद सरकारी संपत्ति निजी संस्था के हाथों चली जाएगी।
रुद्रपुर के किच्छा बाईपास रोड स्थित आंचल पशुआहार निर्माणशाला को पीपीपी मोड पर जाने से पहले ही 28 अक्तूबर को अमर उजाला ने ‘तो पीपीपी मोड पर चलेगी पशु आहार निर्माणशाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उस समय उत्तराखंड सहकारी डेरी फेडरेशन ने निर्माणशाला को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था।
इसी निर्माणशाला से राज्य के 12 जिलों के दुग्ध संघों और ट्रेड कंपनियों को पशु आहार बेचा जाता है। उत्तराखंड सहकारी डेरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक जयदीप अरोड़ा ने कहा कि आंचल पशु आहार निर्माणशाला को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए शासन से आदेश मिल गए हैं। पीपीपी मोड पर संचालित करने वाली कंपनी के प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए शासन की अध्यक्षता में कमेटी गठन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विरोध में उतरा ऊधमसिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी कर्मचारी संघ
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने फेडरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजने के साथ ही मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है।
संघ के अध्यक्ष पीसी चौबे ने कहा कि पशुआहार निर्माणशाला कई वर्षों से निरंतर लाभ अर्जित कर रही है। इसे पीपीपी मोड पर चलाने के बाद संस्था में कार्य कर रहे कर्मचारियों व श्रमिकों पर रोजगार का संकट उत्पन्न हो जाएगा। कहा कि अगर पीपीपी मोड पर निर्माणशाला को चलाया गया तो कर्मचारी संघ हड़ताल करेगा।