फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पावर हाउस प्रशासन ने बाईपास नहर के लिए भेजा प्रस्ताव

Fri, 11 Jan 2019 12:37 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो/रवींद्र सिंह धामी
विज्ञापन
खटीमा में शारदा नहर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

आज भी चार साल पहले शारदा नहर के जल प्रलय को याद आते ही लोहियाहेड पावर हाउस का स्टाफ हो या चौड़ापानी, नगरा तराई क्षेत्र के लोग सहम जाते हैं। अब पावर हाउस प्रशासन ऐसे जल प्रलय को न्यून करने के लिए सजग हो गया है। प्रबंधन ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम बोर्ड को बाईपास नहर के लिए प्रस्ताव भेजा है। 

विज्ञापन


वर्ष 1955 में स्थापित पावर हाउस में तीन टरबाइनों से बिजली उत्पादन होता है। निर्माण के समय से ही पावर हाउस में बाईपास नहर का प्रावधान नहीं है। बल्कि पावर हाउस से करीब एक किमी दूर जरूरत पड़ने पर पानी बाईपास की व्यवस्था की गई। इसमें अक्सर मशीन ट्रिप और डिफ्यूजर न खुलने की दशा में जल प्रलय की आशंका बनी रहती है।

ऐसा वाक्या बीते 31 अगस्त 2014 को सामने आ चुका है तब पावर हाउस की मशीनों के ट्रिप व डिफ्यूजर न खुलने से पानी ने बैक मारते ही जल सैलाब में एक श्रमिक की मौत, पावर हाउस, लोहियाहेड कॉलोनी से लेकर चौड़ापानी, नगरा तक तबाही मची। तबाही के बाद मरम्मत कार्य पूरा हो गया है।
विज्ञापन


बीते वर्ष दिसंबर में प्रबंधन ने पुराने डिफ्यूजरों को भी बदलने का कार्य शुरू हुआ, जो अभी भी जारी है। लेकिन अभी भी जल प्रलय से बेहतर बचाव के लिए पावर हाउस में बाईपास बनाने की जरूरत है। बताया कि देश भर में अधिकांश जल विद्युत परियोजनाओं में बाईपास है, लेकिन छह दशक पुराना होने से लोहियाहेड में इसका प्रावधान नहीं है। डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि निगम स्तर पर बाईपास नहर के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है। आगे भविष्य में निर्णय होने की उम्मीद जताई।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें