रुद्रपुर। नगर निगम कूड़े के साथ एकत्र अपशिष्ट पदार्थ का पार्कों के सौंदर्यीकरण में इस्तेमाल करने की पहल कर रहा है। दिल्ली की तर्ज पर विवेकानंद पार्क को वेस्ट वंडर पार्क के रूप में विकसित किया गया है। पार्क में अपशिष्ट पदार्थ से बेंच और मनमोहक कलाकृतियां बनाई गई हैं। निगम की ओर से पांच और वेस्ट वंडर पार्क विकसित करने की योजना है।
नगर क्षेत्र से रोजाना 120 टन कूड़ा एकत्र होता है। इसमें गीला और सूखा दोनों प्रकार का कूड़ा शामिल है। कूड़े में बड़ी मात्रा में कांच व प्लास्टिंग की बोतल, टायर और अन्य पदार्थ हैं। दिल्ली नगर निगम ने अपशिष्ट पदार्थ का इस्तेमाल वेस्ट वंडर पार्क बनाने में किया है। इसी की तर्ज पर अब रुद्रपुर नगर निगम ने आवास विकास स्थित विवेकानंद पार्क को भी वेस्ट वंडर पार्क के रूप में विकसित किया है।
बरेली से आए थे विशेषज्ञ
पार्क में वेस्ट मेटेरियल से युद्ध टैंक, बच्चों के लिए सुंदर बेंच, प्लास्टिक की बोतलों से सेल्फी प्वाइंट, गमले और वेलकम गेट बनाया है। अपशिष्ट पदार्थ को सुंदर कलाकृतियों में ढालने के लिए बरेली से विशेषज्ञ को बुलाया गया था। निगम की ओर से पटेल पार्क के अलावा चार अन्य पार्कों को वेस्ट वंडर पार्क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
कूड़े के साथ एकत्र होने वाली कांच, प्लास्टिक की बोतलें, टायरों और अन्य वेस्ट मेटेरियल का उपयोग कर बेंच, गमलों के अलावा अन्य कलाकृतियां विवेकानंद पार्क में बनाई गई हैं। पटेल पार्क के अलावा चार अन्य पार्क भी इसी रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित किए जा रहे हैं। इससे पार्क की सुंदरता बढ़ती है, साथ ही वेस्ट मेटेरियल का उपयोग भी होता है। दिल्ली, चंडीगढ़ के नगर निगमों में ये प्रयोग किए हैं। -नरेश दुर्गापाल, एमएनए, नगर निगम रुद्रपुर।