उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की अदालत में 48 पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाई। इनमें 12 लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। 36 लोगों की शिकायतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। साथ ही आयोग की अदालत में नहीं पहुंचने अध्यक्ष डॉ. आरके जैन ने समाज कल्याण निदेशक, शिक्षा विभाग के अपर निदेशक कुमाऊं, ओखलकांडा के खंड शिक्षा अधिकारी और खटीमा नगर पालिका के ईओ का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में अल्पसंख्यक आयोग की अदालत में पीड़ितों की समस्याएं सुनीं गईं। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जैन ने कहा कि आयोग की प्राथमिकता कम समय में पीड़ित को न्याय दिलाना है। आयोग की अदालत के बाद पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर कार्यवाहियों की जानकारी दी। आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने कहा कि अदालत में सबसे बड़ी कार्रवाई यूपी पुलिस के खिलाफ की गई।
उन्होंने बताया कि करीब 10 माह पहले यूपी के रामपुर जिले में हुई हत्या के मामले में यूपी पुलिस ने पांच अज्ञात शूटरों समेत सात के खिलाफ केस दर्ज किया था लेकिन बाद में दूसरे पांच लोगों को शूटर दिखाकर उनसे फर्जी रिकवरी कर जेल भेज दिया था। इनमें एक व्यक्ति सुल्तानपुर पट्टी का रहने वाला है। उसने आयोग से आठ माह पहले न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद हरिद्वार एसएसपी और बरेली एसएसपी को इसकी जांच सौंपी गई। जांच में मामला फर्जी पाया गया। इस पर रामपुर के निरीक्षकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि जनसेवा एकता समिति ने हल्द्वानी रेलवे की ओर से 6000 लोगों को बेदखली का नोटिस भेजने पर शिकायत की है। हल्द्वानी में रेलवे लाइन के पास लीज की भूमि पर नगर निगम का हक है। इसके बावजूद रेलवे ने अपने स्तर से बेदखली का नोटिस भेज दिया। नगर निगम और रेलवे को आपस में समन्वय बनाकर सीमांकन करने के बाद ही कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहां उपाध्यक्ष इकबाल सिंह, सचिव जेएस रावत, सीडीओ हिमांशु खुराना, एडीएम उत्तम चौहान, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी यशवंत सिंह ओसी कलक्ट्रेट नरेश दुर्गापाल, सितारगंज एसडीएम मुक्ता मिश्रा आदि थे।
यूएस नगर में पहली बार लगी आयोग की अदालत
रुद्रपुर। अल्पसंख्यक आयोग की अदालत पहली बार ऊधमसिंह नगर में लगी। इससे पीड़ितों को काफी राहत मिली। इससे पूर्व अदालत देहरादून में ही लगती थी। अध्यक्ष आरके जैन ने कहा कि आयोग में 80 प्रतिशत शिकायतें हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून से ही आती है।
अल्पसंख्यक आयोग की अदालत में इन शिकायतों का हुआ निस्तारण
- नैनीताल जिले के हल्द्वानी गौजाजाली में रहने वाले मो. आरिफ ने आयोग में शिकायत की थी कि डीईओ बेसिक ने उन्हें पद स्थापना अन्य स्थान पर दे दी थी।
- हल्द्वानी वार्ड 14 के पार्षद जियाउद्दीन कुरैशी ने कोविड-19 के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा मंगल पड़ाव को अन्यत्र स्थान पर स्थानांतरण किए जाने के संबंध में शिकायत की थी।
- हल्द्वानी बनभूलपुरा निवासी एनएसयूआई के जिला सचिव नाजिम अंसारी ने बनभूलपूरा में स्थित स्वास्थ्य केंद्र को अचानक बंद किए जाने के संबंध में शिकायत की थी।
- लालकुआं निवासी मुस्कान खान ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम की ओर से स्वीकृत ऋण के लिए पीएनबी शाखा प्रबंधक की ओर से चक्कर कटवाने पर शिकायत की थी।
- हल्द्वानी के जफर खान ने तहसील हल्द्वानी के पटवारी पर अपशब्दों से उत्पीड़ित कर भूमि को दाखिल खारिज नहीं करने पर शिकायत की थी।
- हल्द्वानी निवासी उजमा ने शिकायत की थी कि थाना बनभूलपुरा में तैनात एसओ व कांस्टेबल ने उनके पोते शोएब को डंडा मारा। जिससे उसकी आंखों की रोशनी कम हो गई और डराकर राजीनामे पर हस्ताक्षर करवाए।
- थाना बाजपुर निवासी सुल्तानपुर पट्टी मेहरबान अली ने पुलिस पर उसके भाई गुलशेर को झूठे मुकदमे में फंसाए जाने पर शिकायत की थी। बताया कि वारदात के समय वर्ष 2019 में 17 फरवरी को प्रार्थी का भाई आंख के इलाज के लिए अहमदाबाद गया था।