भूमि का अमलदरामद राजस्व अभिलेखों में न किए जाने के विरोध में पौड़ी से विस्थापित होकर यहां बसाए गए परिवारों ने मतदान का बहिष्कार
किया। विरोध के चलते मानपुर राजकीय प्राथमिक विद्यालय के कक्ष संख्या दो में 866 में से सिर्फ डेढ़ सौ लोगों ने ही मतदान किया।
जिम कॉर्बेट रिजर्व पार्क प्रशासन ने जंगली जानवरों के खतरे को देखते हुए फोरेस्ट के पास निजी भूमि पर बसे परिवारों को वर्ष 1994 में पौड़ी के ग्राम धारा, झिरना और कोठीरौ के सैकड़ों परिवारों को काशीपुर के ग्राम मानपुर स्थित नईबस्ती में बसाया था। बंदोबस्त विभाग की ओर से उन्हें यहां आवंटित भूमि की खतौनी तो दे दी गई लेकिन राजस्व ग्राम घोषित होने के बावजूद इन खतौनियों का अमलदरामद राजस्व अभिलेखों में नहीं हो सका।
ऐसे में 27 साल बाद भी इन परिवारों को किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सका। इन परिवारों को न तो किसान सम्मान निधि का लाभ मिल पा रहा है और न ही उन्हें किसानों के लिए प्रदत्त अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विस्थापित परिवारों को सिर्फ वोट का अधिकार दिया गया है। अपनी मांगों के लिए 284 विस्थापित परिवारों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। अधिकारियों के समझाने पर भी वह अपनी जिद पर अड़े रहे। मानपुर प्राथमिक पाठशाला के बूथ नंबर दो पर कुल 866 मतदाता है।
इनमें से लगभग 150 मतदाता ग्रामसभा के मंझरा पट्टी हरु के हैं। पट्टी हरु के मतदाताओं ने बूथ पर जाकर मतदान किया। जबकि मानपुर बस्ती के लोग मतदान करने नहीं पहुंचे। उन्होंने चुनाव में नोटा दबाने से भी इनकार कर दिया। मतदान का बहिष्कार करने वाले लोगों ने गांव के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया। वहां अनिल भारद्वाज, महावीर सिंह, विनोद रावत, उपेंद्र धूलिया, अजीत रावत, तारा सिंह, जोगेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, कपिल कुमार, एसएस पटवाल, शुभम नेगी आदि थे।