रुद्रपुर के आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी में बड़ी बहन ने सूझबूझ से मासूम के साथ होने वाली अनहोनी टल गई। बैग बेचने के बहाने घर में घुसकर ढाई साल की बच्ची को ले जाते देख बड़ी बहन ने शोर मचा दिया। जिसके बाद बच्ची की मां और स्थानीय लोगों ने फेरी वाले को पकड़कर उसके मंसूबाें पर पानी फेर दिया। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर चिंता जताई है। आरोपी बच्ची को कहां ले जा रहा था, पुलिस अब तक सवाल का जवाब नहीं खोज सकी है।
आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी में शीला बढोई अपने परिवार के साथ टिनशेड के मकान में रहती है। बुधवार की दोपहर घर के पास किसी का निधन हो गया था तो शीला वहां गई थी। गर्मी की वजह से घर का दरवाजा खुला हुआ था। मासूम सहित दो बच्चे कमरे में बेड पर सो रहे थे। शीला के मुताबिक दो बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। इसी बीच आरोपी बैग बेचने की बहाने से घर के पास आया और अंदर घुसकर उसकी ढाई साल की बेटी को गोद में उठाकर भागने लगा। इसी बीच 12 साल की बेटी ने शोर मचा दिया। जिस पर मोहल्ले वालों के साथ वह भी चिल्लाते हुए आरोपी के पीछे भागी थी।
इस दौरान कुछ दूरी पर आरोपी ने उसकी बेटी को जमीन पर फेंका और भागने लगा। लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया था और पुलिस को दे दिया। कहा कि सड़क पर फेंकने पर उसकी बच्ची को चोट आई है। शीला और मोहल्लेवालों का कहना था कि अगर बच्ची शोरगुल नहीं करती और लोग वहां नहीं रहते तो आरोपी बच्ची को अपने साथ ले जाते। इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इधर आरोपी के मंसूबों पानी तो फिर गया, लेकिन वह बच्ची को कहां और क्यों ले जा रहा था, यह साफ नहीं हो सका है। आरोपी का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। घटना के समय वह नशे में था। सीओ सिटी निहारिका तोमर ने बताया कि बेहद गंभीरता से मामले की हर पहलू पर जांच की जा रही है। हो सकता है कि आरोपी किसी गिरोह का हिस्सा हो। वह कुछ बता नहीं पा रहा है।
कहीं बैग बेचने की आड़ में तो नहीं की रैकी
आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी में जिस परिवार का बच्चा परवेश ने उठाया था, वह आर्थिक रूप से कमजोर है। माना जा रहा है कि इस मोहल्ले में बैग बेचने के बहाने परवेश ने रैकी की होगी और मौका देखकर घर में घुसकर ढाई साल की मासूम को अगवा कर लिया। लेकिन उसके साथ कोई और भी था या फिर उसने किसी के कहने पर यह घटना को अंजाम दिया, यह अब तक रहस्य बना हुआ है। सीओ सिटी ने बताया कि हो सकता है कि आरोपी ने रैकी की होगी। लेकिन आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। लेकिन इस मामले की तह तक पुलिस जाएगी।
फोन करने पर नहीं आए पुलिस कर्मी
आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी के लोग जब परवेश को पकड़कर आदर्श कालोनी चौकी ले गए थे तो उनकी जुबानी घटना सुनकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। लेकिन बच्ची के सकुशल रहने और नुकसान नहीं पहुंचने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस का कहना था कि बड़ी बहन अगर शोर नहीं मचाती तो आरोपी न जाने बच्ची को कहां ले जाता। जब तक पकड़ में आता तब तक अनहोनी हो सकती थी।