एनजीटी मेंटेनेंस बोर्ड की टीम ने नालियों में जहरीला पानी छोड़ रही 15 फैक्ट्रियां पकड़ी हैं। एसडीएम ने सिडकुल के जरिए इन फैक्ट्रियों को एनजीटी के तहत नोटिस जारी किए हैं। कहा कि जहरीला पानी नाले में छोड़ने वाली फैक्ट्रियां तत्काल सीईटीपी से जुड़ें। अगर, नोटिस के बावजूद इन फैक्ट्रियों ने सीईटीपी को पानी नहीं दिया तो कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को मेंटेनेंस बोर्ड के चेयरमैन व एसडीएम एपी बाजपेयी ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, सितारगंज सिडकुल इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन, जिंदल कंपनी, एल्डिको व सिडकुल के अधिकारियों के साथ औद्योगिक आस्थान में उत्पादन कर रही फैक्ट्रियों का संयुक्त निरीक्षण किया गया।
इस दौरान सुरिन ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड, इस्थमस इंडस्ट्रीज, टेक्निकल एसोसिएट्स, पीएन डाई कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, ब्रेक्स इंडिया लिमिटेड, स्टार्क इलेक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, आईटीडीएल इमेजटेक लिमिटेड, पटेल इंडस्ट्रीज, गोल्डन क्रूसर प्राइवेट लिमिटेड, मोरासी फार्मासूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, लिथोटेक इंजीनियर्स, स्पेशलिटी इंडस्ट्रीयल पॉलीमर्स एंड कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड व कुमाऊं इस्पात प्राइवेट लिमिटेड समेत 15 फैक्ट्रियां नाले में गंदा पानी छोड़ते पकड़ी गई। एसडीएम ने बताया कि एनजीटी ने सिडकुल की सभी फैक्ट्रियों को कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से जुड़ने के सख्त आदेश दिए हैं।
बावजूद इसके कई फैक्ट्रियां सीईटीपी से न जुड़कर नदी, नहर व नालों में फैक्ट्रियों का जहरीला (रसायनयुक्त) पानी छोड़ रही हैं। बताया कि पकड़ी गई 15 फैक्ट्रियों के खिलाफ सिडकुल के माध्यम से एनजीटी के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि सिडकुल में उद्योगों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। गंदा पानी सीईटीपी को न देने वाली कंपनियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एल्डिको द्वारा बनाई गई सीवेज लाइन क्षतिग्रस्त मिलने पर एल्डिको के उपमहाप्रबंधक को तत्काल लाइन ठीक करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव चटवाल, एल्डिको प्रबंधक संदीप चावला आदि थे।