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नगला को उजड़ने से बचाने के लिए कलक्ट्रेट गेट पर गरजे कांग्रेसी

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राजेश शुक्ला, विधायक। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। नगला में अतिक्रमण के दायरे में आए लोगों को उजड़ने से बचाने की मांग के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओें ने हुंकार भरी। कलक्ट्रेट में धरना देने जा रहे कार्यकर्ताओं को मुख्य गेट पर ही रोक लिया गया। लेकिन पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ गेट से भीतर जाने में सफल रहे। गेट से कलक्ट्रेट में दाखिल होने के लिए कांग्रेसियों ने दो बार जोरदार कोशिश की लेकिन पुलिसकर्मियों ने विफल कर दिया। पौने दो घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा और कांग्रेसी डीएम को ज्ञापन देने पर अड़े रहे। आखिर बाद में कांग्रेसियों ने डीएम के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपकर धरना खत्म कर दिया।
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सोमवार सुबह 11 बजे पूर्व मंत्री बेहड़ की अगुवाई में नगला और किच्छा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विकास भवन के सामने कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। जैसे ही कार्यकर्ता धरना देने के लिए कलक्ट्रेट कूच करने लगे तो एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल पहुंच गए। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कलक्ट्रेट में धरना देने की इजाजत नहीं होने की बात कही। कार्यकर्ताओं के नहीं मानने पर गेट पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई। इसी बीच कार्यकर्ताओं ने गेट से अंदर जाने की कोशिश की थी। बेहड़ तो गेट से अंदर चले गए लेकिन बाकी कार्यकर्ताओं को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया।
इसे लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की और नोकझोंक भी हुई। इसके बाद बेहड़ गेट के अंदर और कार्यकर्ता गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि नगला क्षेत्र में लोग दशकों से बसे हुए हैं। उनको बिजली और पानी के कनेक्शन दिए गए हैं और वोट देने का अधिकार है। कहा कि अतिक्रमण के नाम पर लोगों को उजाड़ा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ ही राज्य सरकार भी कोर्ट में नगला वासियों के पक्ष में पैरवी करे। दोपहर करीब पौने एक बजे बेहड़ गेट से बाहर आए और सभी कार्यकर्ताओं ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल को सौंप दिया। वहां किच्छा नगर पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, प्रदेश सचिव नंदलाल, शिशुपाल सिंह, विनोद कोरंगा, मीना शर्मा, गुड्डू तिवारी, सुरेश गौरी, मोहन खेड़ा आदि थे।
ये गलत है, बदतमीजी हो रही है....
रुद्रपुर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट से कलक्ट्रेट में दाखिल होने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने जबरन गेट खोलने की कोशिश की तो वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की और नोकझोंक हो गई। इसी बीच खींचातानी हुई तो कर्मियों के साथ ही अमूमन शांत रहने वाले एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल भी गुस्से में आ गए। जब काफी कहने पर भी नारायण नहीं माने तो एडीएम को चिल्लाकर कहना पड़ा कि ‘ये गलत है, यह बदतमीजी हो रही है।’ पुलिसकर्मियों के साथ ही एडीएम के तेवर देखकर कांग्रेसियों ने जबरन अंदर जाने की कोशिश छोड़ दी। (संवाद)
डीएम साहब! हमारी बात सुनो... के नारे लगे
रुद्रपुर। पुलिस प्रशासन ने मुख्य गेट पर कांग्रेसियों को रोका तो कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने डीएम साहब हमारी बात सुनो... के जमकर नारे लगाए। इसके साथ ही नगला को बचाओ सरकार... के साथ ही कांग्रेस नेताओं के जिंदाबाद के नारे भी लगते रहे। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि उन्हें डीएम के पास ज्ञापन देने के लिए जाने दिया जाए या फिर डीएम को ज्ञापन लेने बुलाया जाए। (संवाद)
इनसेट
संख्या बल पड़ा कम तो बुलाए गए लोग
रुद्रपुर। कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन के दौरान कम संख्या में ही कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे। लेकिन जब टकराव के हालात बने तो और कार्यकर्ताओं को बुलवा लिया गया। इसके बाद वहां कार्यकर्ताओं के साथ ही अतिक्रमण के दायरे में आ रहे 12-14 लोग भी पहुंच गए और धरने पर बैठे रहे। (संवाद)
इनसेट
एक घंटे के अंतराल में दो बार गेट से घुसने की कोशिश
रुद्रपुर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने साढ़े 11 बजे मुख्य गेट से कलक्ट्रेट में जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने साढ़े 12 बजे फिर से घुसने की कोशिश की लेकिन फिर से पुलिसकर्मियों ने कोशिश को सफल नहीं होने दिया। एसडीएम विशाल मिश्रा, सीओ आशीष भारद्वाज टीम के साथ मोर्चो संभाले रहे। (संवाद)
पुलिस प्रशासन ने कलक्ट्रेट गेट पर मुझे और कार्यकर्ताओं को रोककर अच्छा नहीं किया है। हमारे मौलिक अधिकारों को छीना गया है। पहले से ही लोग कलक्ट्रेट में मांगों को लेकर धरना देते रहे हैं। सरकार के इशारे पर नगला में हजारों लोगों को उजाड़ने की साजिश की जा रहा है। सरकार को कानून बनाकर इनको उजड़ने से बचाना चाहिए। अगर जिला प्रशासन नगला में नपाई कर रहा है तो इसकी जिम्मेदारी स्थानीय विधायक और सरकार की बनती है। - तिलकराज बेहड़, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री।
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कांग्रेस की ओर से नगला को उजड़ने से बचाने के लिए दिया गया धरना जनता को गुमराह करने का कृत्य है। नगर पंचायत बनाने से रोकने के लिए नगलावासियों के साथ षड्यंत्र रचा जा रहा है। कांग्रेस का धरना पूरी तरह से फ्लॉप रहा है। नगला नगर पंचायत बनकर रहेगी और नगला को उजाड़ने का षड्यंत्र सफल नहीं होगा। किन लोगों के इशारे पर जनहित याचिका दाखिल हुई, उसका भी खुलासा किया जाएगा। - राजेश शुक्ला, विधायक, किच्छा।
भूमाफिया ने बेच दिया नाला, प्रशासन-निगम को भनक नहीं लगी
काशीपुर। अलीखां स्थित काली बस्ती के बीच से बहने वाले गेबिया नाले पर भूमाफिया ने अतिक्रमण कर करीब आधा नाला बेच दिया लेकिन नगर निगम और प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। अब एक पार्षद की शिकायत पर नगर निगम अतिक्रमण को चिह्नित करने की बात कह रहा है।
गेबिया नाला गंगे बाबा रोड से काली बस्ती में पहुंचता है। प्रशासन और नगर निगम की अनदेखी के कारण कुछ समय से इस नाले पर भूमाफिया ने कब्जा करना शुरू कर दिया है। भूमाफिया ने नाले के दोनों ओर मिट्टी से भरे कट्टे लगाकर नाले को पाटने के बाद उस पर प्लाटिंग कर प्लाट बेच दिए। इससे करीब 10 से 15 फिट का यह नाला अब एक छोटी नाली बनकर रह गया है। नाले को पाटने से मामूली बारिश में भी पूरा क्षेत्र पानी से भर जाता है, जिससे बस्ती के कच्चे मकान भी कमजोर हो गए हैं और इनमें रहने वाले लोगों को जान का खतरा बना हुआ है। वार्ड 23 के पार्षद सादिग हुसैन के नेतृत्व में एक सप्ताह पहले बस्ती के लोगों ने एसडीएम और नगर निगम को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। मामले को लेकर सहायक नगर आयुक्त आलोक उनियाल का कहना है कि गेबिया नाले पर अतिक्रमण किए जाने का मामला संज्ञान में आया है, जिसे चिह्नित करने के लिए नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम गठित की गई है। टीम की ओर अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फोटो। 21 केएसपी 01पी- काशीपुर में भूमाफियाओं द्वारा अतिक्रमण कर पाटा गया गेबिया नाला।
पार्षद ने किसान पर लगाया जमीन कब्जाने की आरोप
काशीपुर। हिम्मतपुुर क्षेत्र के एक पार्षद ने एक किसान पर नगर निगम की जमीन कब्जाने का आरोप लगाकर निगम प्रशासन से शिकायत की है। निगम प्रशासन ने जांच की बात कही है। हिम्मतपुर वार्ड छह के पार्षद एलएम सिंह का आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम ने वार्ड क्षेत्र के हेमपुर स्माइल में करीब तीन एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित कर तहसील प्रशासन की मदद से उस पर कब्जा किया था। पार्षद का आरोप है कि अब उक्त जमीन पर क्षेत्र का एक किसान कब्जा कर रहा है जबकि सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता। मामले में मेयर ऊषा चौधरी का कहना है कि उक्त जमीन नगर निगम की है। जल्द ही जमीन के चारों ओर तारबाड़ की जाएगी जिससे उस पर कोई कब्जा न कर सके। (ब्यूरो)
डैम किनारे रह रहे लोगों के समर्थन में आई आप
जसपुर। सिंचाई विभाग के भोगपुर डैम और तुमड़िया क्षेत्र में बसे लोगों को हटाने के नोटिस भेजने के बाद ग्रामीणों के पक्ष में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सूबा सिंह और अवतार सिंह आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों से अधिक समय से इस क्षेत्र में 2700 परिवार बसे हैं। यह परिवार वहीं पर रह कर खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में अतिक्रमण था तो यहां आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल क्यों खोला गया। राशन कार्ड और वोटर लिस्ट में नाम दर्ज क्यों किया गया। (संवाद)

तिलकराज बेहड़।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कांग्रेसियों को रोकती पुलिस।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कांग्रेसियों को अंदर नहीं जाने का अनुरोध करते एडीएम कांडपाल।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर कलक्ट्रेट के मुख्य गेट के अंदर अकेले धरने पर बैठे बेहड़।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर कलक्ट्रेट गेट के अंदर जाने की कोशिश करते कांग्रेस नेता को रोकने की कोशिश करते एडीएम कां?- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी।- फोटो : RUDRAPUR

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