रुद्रपुर। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम के तहत संशोधित बिल का विरोध तेज हो गया है। जिला न्यायालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। उन्होंने परिसर में सभा की और जुलूस निकालकर केंद्रीय कानून मंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने बिल के खिलाफ शुक्रवार को भी न्यायिक कार्यों से विरत रहने की घोषणा की है।
बृहस्पतिवार को जिला न्यायालय परिसर में जिला बार एसोसिएशन, खटीमा सहित विभिन्न बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अधिवक्ताओं ने बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। सभा में वकीलों ने कहा कि अधिवक्ताओं ने राष्ट्र की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। धारा-35ए में दिए गए प्रावधान अधिवक्ताओं के स्वतंत्र रूप से कार्य करने, अपनी बात को प्रभावी रूप से प्रदर्शित करने से रोकते हैं। धारा-45वी अधिवक्ताओं को स्वतंत्र रूप से कार्य करने में बाधा उत्पन्न करती है।
इसके बाद अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम नितिन सिंह भदौरिया के माध्यम से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल को ज्ञापन भेजा।
उन्होंने केंद्र सरकार के प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम संशोधित बिल को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। वहां पर बार अध्यक्ष दिवाकर पांडेय, सचिव सर्वेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष पावेल कठायत, उपसचिव विकास तिवारी, जसपुर बार अध्यक्ष सुंदर पाल, काशीपुर बार अध्यक्ष अवधेश चौबे, बाजपुर बार अध्यक्ष राजेश पांडेय, खटीमा बार अध्यक्ष सूरज राणा, सितारगंज बार अध्यक्ष डीएन सिंह, गदरपुर बार अध्यक्ष मदन लाल सहित अनेक मौजूद रहे।