जसपुर। पतरामपुर गांव में सड़क के दोनों छोर पर कूड़े का ढेर लगा है। इसे हटाने के लिए जनप्रतिनिधि समेत अफसर तक सुध नहीं ले रहे हैं। यह समस्या ग्रामीणों के लिए अब नासूर बन गई है। पंचायत चुनाव में लोग इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं।
पतरामपुर क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य सीट पर लगभग 19 हजार से अधिक मतदाता हैं। जिला पंचायत सदस्य की सीट होने के साथ यहां के लोग ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य को भी वोट करते हैं। गांव निवासी सुनील कुमार काका ने बताया कि गांव की मुख्य सड़क के दोनों छोर पर कूड़े का ढेर पड़ा है। यह यहां से हटना चाहिए। गांव में पीएचसी की करोड़ों रुपये की इमारत बनी है लेकिन इसमें चिकित्सकों का अभाव है।
चिकित्सकों की कमी और पटवारी के गांव में न बैठने की समस्या
गांव निवासी इकराम अली ने बताया कि गांव की इतनी बड़ी आबादी होने के बाद भी पटवारी को यहां नहीं बिठाया गया है। ग्रामीणों को पटवारी से मिलने के लिए जसपुर जाना पड़ता है। जेजेएम के तहत कई सड़कों को खोद कर उनमें गड्ढे कर दिए गए। ग्रामीण अब इन सड़कों को बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। कई और ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान कई प्रत्याशी क्षेत्र का चहुंमुखी विकास कराने का दावा करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी अपने वादों पर खरा नहीं उतरता। यही वजह है कि गांव का विकास नहीं हो पाता है।