किसान ने सतर्कता विभाग हल्द्वानी से पटवारी के रिश्वत मांगने (Patwari taking bribe) की शिकायत की। इस पर टीम ने पटवारी को रिश्वत के आठ हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। विजीलेंस की टीम ने पटवारी को हिरासत में ले लिया।
किसान के धान लगी खेती की जमीन को पटवारी ने विवादित बताकर रिपोर्ट भेज दी। आरोप है कि रिपोर्ट सही करने के एवज में पटवारी ने किसान से 20 हजार रुपये (Patwari taking bribe) मांगे। इसके बाद आठ हजार रुपये में बात तय हो गई।
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किसान ने सतर्कता विभाग हल्द्वानी से पटवारी के रिश्वत मांगने की शिकायत की। इस पर टीम ने पटवारी को रिश्वत के आठ हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। विजीलेंस की टीम ने पटवारी को हिरासत में ले लिया और हल्द्वानी कार्यालय रवाना हो गई। विजीलेंस निदेशक ने विजिलेंस टीम को पांच हजार रुपये इनमा की घोषणा की है।
बुधवार को विजिलेंस के सीओ अनिल सिंह मनराल के निर्देश पर निरीक्षक विनोद कुमार यादव और टीम तीन निजी कार से ग्राम सुनखरी पहुंची। सादी वर्दी में आए टीम के सदस्य पटवारी त्रिलोचन सुयाल के सुनखरी स्थित निजी दुकान में बने सरकारी कार्यालय के आसपास फैल गए। जैसे ही पटवारी ने ग्राम ध्यानपुर निवासी द्वारका प्रसाद को बुलाकर रिश्वत के आठ हजार रुपये पकड़े वैसे ही टीम के सदस्यों ने मौके पर पटवारी को रंगे हाथ दबोच लिया।
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द्वारका प्रसाद ने बताया कि उसने अपने खेत में धान की रोपाई की थी। धान पकने पर जब काटने गया तो गुरदीप कौर और उसके परिवार के लोग मुझे धान काटने से रोक रहे थे। उसने एसडीएम से कार्रवाई की मांग की तो एसडीएम ने पटवारी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए।
पटवारी त्रिलोचन सुयाल की ओर से भूमि पर विवाद होने की रिपोर्ट लगा दी गई। इस पर दोबारा एसडीएम को पत्र देकर भूमि के दस्तावेज पेश किए। एसडीएम ने पटवारी को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। पटवारी ने द्वारका से सही रिपोर्ट लगाने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की।
बाद में आठ हजार रुपये रिश्वत के देने पर रिपोर्ट लगाना तय हो गया। द्वारका ने विजिलेंस के निदेशक से पटवारी के रिश्वत मांगने की शिकायत भी की। किसान की शिकायत की जांच कराने पर मामला सही पाया गया। बृहस्पतिवार को निरीक्षक की अगुवाई में ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने पटवारी त्रिलोचन सुयाल को रंगे हाथ दबोच लिया। सीओ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 1064 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।