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थ्रीडी से थ्रीजी में आते ही बदल गया भूमि का मालिक

Tue, 05 Dec 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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नेशनल हाईवे
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बाजपुर तहसील के ताली गांव मेें अधिग्रहित की गई जमीनों के सर्वे की खामियों की वजह से पुरानी खतौनियों के आधार पर ही मुआवजा बांट दिया गया। एनएचएआई के नोटिफिकेशन होने के बाद कईं लोगों ने अपनी जमीनें बेच दी थी। इस वजह से थ्री डी में जमीन का मालिक जमीन की थ्रीजी होनेेेे पर बदल गया। तहसील में खतौनी को भी अपडेट नहीं किया गया।
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भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही है एसआईटी ने अब बाजपुर तहसील में हुए मुआवजा घोटाले पर फोकस कर दिया है। तहसील के ताली गांव के दस्तावेजों की जांच में सामने आया है कि गलत तरीके से चकबंदी की जमीनों की 143 की गई थी। कईं मामलों में जिन काश्तकारों को मुआवजा बांटा गया वो जमीन के असल मालिक ही नहीं है। जब एनएचएआई ने एनएच 74 निर्माण के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया तो खसरों के पुराने रिकार्ड के आधार पर भूमि को थ्रीसी में दर्ज कर थ्रीडी में अधिग्रहण की घोषण कर दी।

अधिग्रहण की घोषणा के बाद भूमि का सर्वे किये बिना ही थ्रीडी के बाद थ्रीजी में दशाई गई भूमि पर किसानों को मुआवजा बांट दिया। जिन जमीनों पर मुआवजा बांटा गया, वह अधिग्रहण होने के बाद बेचा जा चुका था। लेकिन जमीन बिकने के बाद भी उनके खसरों को उनके नये मालिकों के नाम पर नहीं चढ़ाया गया था। मुआवजा असली भू-स्वामी के बजाय किसी और को बांट दिया गया। इसके साथ ही उक्त तहसील की कोई भी खतौनी कंप्यूटराइज नहीं की गई है। इसके अलावा कुछ मामले ऐसे हैं जिनमें थ्री डी में जमीन का मालिक कोई और था। लेकिन थ्री जी में मुआवजा किसी और को दिया गया। एसआइटी घोटाले की तह तक जाने के लिए एसएलओ कार्यालय की भुगतान पत्रावलियों की जांच कर यह पता लगा रही है कि असल में मुआवजा किसे मिला है।
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बृहस्पतिवार को एनएचएआई अधिकारियों से होगी पूछताछ
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने अब एनएचएआई के अधिकारियों से भी पूछताछ की तैयारी कर ली है। विभागीय सूत्रों के अनुसार एनएचएआई अधिकारियों से पूछताछ शुरु करते हुए एसआईटी बृहस्पतिवार को एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नजीबाबाद से पूछताछ करेगी। पूछताछ के लिए एसआइटी द्वारा सवालों की सूची भी तैयार की गई है।

दो और पीसीएस अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी के हाथ अब तक की जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। इनके आधार पर माना जा रहा है कि एसआईटी जल्द ही पूर्व में बाजपुर में तैनात रहे पीसीएस अधिकारी नंदन सिंह नगन्याल और अनिल शुक्ला पर शिकंजा कस सकती है। माना जा रहा है कि बैक डेट में 143 में हुए अफसरों के हस्ताक्षरों का मिलान हो चुका है। दोनों ही अफसर घोटाले में निलंबित चल रहे हैं।

ताली गांव के 13 काश्तकारों से पूछताछ
एसआईटी ने ताली गांव के 11 काश्तकारों को पूछताछ के लिए सोमवार को तलब किया था, लेकिन वहां 13 काश्तकार पहुंच गए थे। इनमें से कईं काश्तकार बैंक स्टेटस की कापी, खसरा खतौनी भी नहीं लाए थे। इस पर एसआईटी ने उनके खाता नंबर लेकर संबंधित बैंक जाकर उनके खातों में आई रकम को जांचा। काश्तकारों से चकबंदी की जमीन को 143 कराने, मुआवजे की रकम से कमीशन सहित कईं सवाल पूछे गए थे।
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