दिनेशपुर। आनंदखेड़ा नंबर दो गांव में मंगलवार को स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजली विभाग के निजी ठेकेदार का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और स्मार्ट मीटर लगाने का काम रुकवा दिया। बिजली विभाग के अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अड़े रहे। ठेकेदार और उसके कर्मचारियों को बिना मीटर लगाए वापस लौटना पड़ा।
मंगलवार को बिजली विभाग का निजी ठेकेदार कर्मचारियों के साथ गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही भाकियू कुमाऊं मंडल के महासचिव विक्रम सिंह गोराया और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह निर्जर अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। किसान नेताओं ने कहा कि गांव में किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर नहीं लगाने दिए जाएंगे। उन्होंने स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे वाहन को भी रोक लिया। विरोध जारी रहने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों को स्मार्ट मीटर और वाहन लेकर वापस लौटना पड़ा। संवाद
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न अधिकारियों की सुनी, न पुलिस से डरे
विरोध की सूचना पर ऊर्जा निगम के अवर अभियंता मेहताब अली और अधिशासी अभियंता केके पंत मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए पुलिस को भी बुलाया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों और किसान नेताओं से वार्ता कर स्मार्ट मीटर के लाभ और इसकी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी लेकिन ग्रामीण और भाकियू पदाधिकारी मीटर लगाने के लिए सहमत नहीं हुए।
कोट
स्मार्ट मीटर लगाने के लिए टीम गई थी। लोगों के विरोध के बावजूद 250 स्मार्ट मीटर लगाए गए। जिन लोगों को शिकायत थी उनके यहां चेक करने के बाद मीटर लगाए गए। - केके पंत, ईई ऊर्जा निगम
पुलिस ऊर्जा निगम की टीम के साथ सहयोग और कानून व्यवस्था बनाने के लिए गई थी। विरोध करने वालों को समझा दिया गया था। - बीएस धोनी, सीओ, पंतनगर