जीबी पंत कृषि विवि स्थित प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में हुई प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यूओयू के नियम दरकिनार कर उच्चतम के बजाय सिफारिशी न्यूनतम मेरिट धारकों को प्रवेश दे दिया गया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने कुलपति, निदेशक और सीएम से मामले की शिकायत की है।
जेईईई-मेंस की मेरिट के आधार पर सीटें आवंटित होने के बाद बची सीटों के लिए प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में दो हजार रुपये में पंजीकरण कर स्पाॅट काउंसलिंग से सीटे भरने और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया चल रही थी। बीती 20-21 अगस्त को तीसरी स्पाॅट काउंसलिंग थी। 20 अगस्त को 12.30 बजे पोर्टल खोला गया, जिसमें छात्रों को उपलब्ध सीटों के लिए अपनी पसंद भरनी थी और 21 अगस्त की सुबह 9.30 बजे काॅलेज में रिपोर्टिंंग करनी थी। सवाल उठता है कि इतने शाॅर्ट नोटिस पर विभिन्न राज्यों के छात्र पंतनगर कैसे पहुंच सकते हैं।
अपात्रों को पहुंचाया गया लाभ
वहीं दूसरे मामले में कालाढूंगी निवासी ओबीसी छात्र ने बताया कि उसकी एआई रैंक 590262 थी। उसे कोई सीट नहीं मिली, जबकि लोकल के छात्र रैंक-1431859 को सिविल ब्रांच आवंटित कर दी गई। कहा सीट आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और नियम दरकिनार कर अपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
संस्थान को स्पाॅट काउंसलिंग के लिए यह हैं निर्देश
यूटीयू ने संस्थानों को स्पाॅट काउंसलिंग के लिए 19 से 25 अगस्त निर्धारित की थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिदिन 10 से एक बजे तक पंजीकरण, दो बजे तक सीट आवंटन और तीन से पांच बजे तक अभिलेख सत्यापन, प्रवेश, यूएमएस पोर्टल पर पंजीकरण, शुल्क जमा और सत्यापन करना होगा। सीटें रिक्त रहने तक प्रतिदिन सुबह नौ बजे से पूर्व रिक्त सीटों की स्थिति नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। इसके इतर पंतनगर में 21 अगस्त को ही स्पाॅट काउंसलिंग पूरी कर प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
यहां भी धांधली....
मैन्यूअल सीट आवंटन में बच्चे की फिलिंग च्वाइस के आधार पर सीट दी जाती है। अगर 10 छात्रों के बाद 11वें ने कोई सीट खाली की, उस सीट के लिए पीछे के छात्र को कैसे बुलाया जा सकता है। हमारे यहां मेरिट के आधार पर ही सभी सीटें आवंटित की गई हैं। -विनोद बालियान, एडमिशन कोऑर्डिनेटर-प्रौद्योगिक महाविद्यालय, पंतनगर विवि।