इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (एमसीआई) के आह्वान पर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के खिलाफ जिले भर में प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों ने 12 घंटे ओपीडी सेवाएं बंद रखकर विरोध जताया। डॉक्टरों ने बिल को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
हड़ताल से आपातकालीन सेवाओं को अलग रखा गया गया था। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का इलाज भी होता रहा। इधर, रुद्रपुर में हड़ताल से करीब 48 निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रही। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रुद्रपुर में आईएमए के आह्वान पर शनिवार को निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। किच्छा बाईपास रोड स्थित मॉल के सभागार में आईएमए अध्यक्ष डॉ. अजय अग्रवाल के नेतृत्व में रुद्रपुर के निजी चिकित्सकों ने एनएमसी बिल के विरोध में आवाज बुलंद की। पत्रकार वार्ता में डॉ. अजय अग्रवाल ने एनएमसी बिल को अलोकतांत्रिक बताते हुए गरीब विरोधी करार दिया।
कहा कि इससे राज्य चिकित्सा का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा। इसमें 10 सदस्यों को शामिल करने मांग ठुकराने पर भी नाराजगी जताई गई। कहा कि एनएमसी लागू होने के बाद एक्जिट टेस्ट पास करने के बाद भी नए डॉक्टर राज्य चिकित्सा परिषदों के साथ पंजीकृत नहीं हो पाएंगे। वहीं, विदेशों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए एक्जिट टेस्ट अनिवार्य नहीं किया गया है।
डॉक्टरों ने आईएमए दिल्ली के निर्देशानुसार आगे की रणनीति पर काम करते हुए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। विरोध करने वालों में डॉ. वीपी जोशी, डॉ. एससी निगम, डॉ. एके जैन, डॉ. जसविंदर गिल, डॉ. स्वाती अग्रवाल, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. राजीव सेतिया, डॉ. प्रक्षय अग्रवाल, डॉ वीके जोशी, डॉ. सुभाष निगम, डॉॅ. विशाल रस्तोगी, डॉ. नीरजा पंत, डॉ. अजय अग्रवाल आदि डॉक्टर शामिल रहे।
इधर, काशीपुर में हड़ताल पर रहे डॉक्टरों ने मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. मधु वर्मा, डॉ. विपिन सूद, डॉ. मीनू सूद, डॉ. बीएम गोयल, डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. देवेंद्र चंद्रा, डॉ. बीना जोशी आदि थे।
वहीं किच्छा के सभी प्राइवेट डॉक्टरों ने भी ओपीडी ठप रखी। हड़ताल के चलते दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद हुई बैठक में आईएमए से जुड़े डॉक्टरों ने बैठक कर सरकार पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया। बैठक में डॉ. राहुल किशोर, डॉ. राजेंद्र सिंह बाठला, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. पीयूष टंडन, डॉ. आसिफ इकबाल आदि थे। उधर, में हड़ताल पर रहने वाले डॉक्टरों में डॉ. एके गुप्ता, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. राजीव, डॉ. आरके सराफ, डॉ. धीरेंद्र, डॉ. एके गर्ग शामिल रहे।