प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन मोदी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचीं, मगर पांच घंटे विलंब होने की वजह से कार्यक्रम में हिस्सा लिए बिना हल्द्वानी रवाना हो गईं। कार्यक्रम में उनका इंतजार कर रहे लोगों ने आयोजकों के समक्ष आक्रोश जताया। जसोदा ने कार्यक्रम को पारिवारिक बताकर किसी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया।
शुक्रवार शाम भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा की ओर से रम्पुरा वार्ड नंबर छह के प्राथमिक विद्यालय में ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ कार्यक्रम रखा गया था। इसमें जसोदा बेन को शिरकत करने के साथ ही कन्यायों और माताओं को सम्मानित किया जाना था। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं जुटी थीं। कार्यक्रम का समय शुक्रवार शाम छह बजे था, मगर दिल्ली से सड़क मार्ग से जसोदा बेन का काफिला रात करीब 11 बजे आयोजन स्थल के पास पहुंचा।
आयोजन स्थल से सटे महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ललित राठौर के आवास पर परिजनों ने जसोदा का तिलक लगाकर स्वागत किया और उनका आवास में कुछ मिनट रुकने के बाद जसोदा बेन देरी का हवाला देते हुए हल्द्वानी रवाना हो गईं। उन्होंने पारिवारिक कार्यक्रम का हवाला देते हुए मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। उनके साथ महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नानक चंद्र राठौर, अशोक भाई मोदी, कृष्णा मोदी, रजनी राठौर के अलावा अनिल चौहान, सुरेश कोली, रामप्रकाश गुप्ता आदि मौजूद थे।
इधर, जसोदा के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने से इंतजार कर रहे लोग भड़क गए। उन्होंने आयोजक ललित के घर के बाहर हंगामा काटा। इस दौरान उनकी ललित के परिजनों से तीखी नोकझोंक भी हो गई थी। लोगों का कहना था कि देरी होने के कारण जसोदा बेन को आवास में ले जाने की बजाय सीधे कार्यक्रम स्थल में लाना चाहिए था।