रुद्रपुर के डीडी चौक पर खड़े ई-रिक्शा।
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रुद्रपुर। ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन अभियान महज खानापूर्ति बनकर रह गया। शहर में साढ़े तीन हजार ई रिक्शे संचालित हो रहे हैं लेकिन सत्यापन मात्र 600 चालकों ने ही कराया।
रुद्रपुर के विभिन्न रूटों पर ई रिक्शे मनमाने तरीके से दौड़ते हैं। खासकर अतिव्यस्त बाजार में ई रिक्शों से जाम की स्थिति बनी रहती है। एसपी क्राइम मिथिलेश सिंह ने बेतरतीब दौड़ने वाले ई रिक्शा चालकों को रूट के हिसाब से चलने के निर्देश दिए थे। 15 जुलाई से इंदिरा चौकी स्थित यातायात कार्यालय में सत्यापन शुरू हो गए थे। जहां पर चालकों का सत्यापन के बाद रूट तय दिए जा रहे थे। समय पूरा हो जाने के बाद 600 ई रिक्शा चालकों ने ही अपना सत्यापन कर रूट लिए। 2900 ई रिक्शा चालक सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे। ऐसे में पुलिस को ई रिक्शा चालकों के कागज पूरे नहीं होने और संदिग्ध होने का शक है। पुलिस ई रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
15 प्रतिशत ई रिक्शा चालक राज्य के
रुद्रपुर। शहर में चलने वाले 15 प्रतिशत ई रिक्शा चालक राज्य के हैं। जबकि 85 प्रतिशत ई रिक्शे यूपी व अन्य राज्यों के लोगों के चल रहे हैं। बाहरी राज्यों में आपराधिक घटना करने वाले लोगों का ई रिक्शा चालक होने पर संदेह है। (संवाद)
पांच दिन तक ई रिक्शा चालकों का सत्यापन के बाद रूट तय करने का लक्ष्य रखा गया था। शहर में साढ़े तीन हजार ई रिक्शा चालक हैं। जिसमें मात्र 600 चालकों ने ही सत्यापन कराया। सत्यापन नहीं करने वाले चालकों पर एआरटीओ के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। बीएस भंडारी, सीओ यातायात।